NEET परिक्षा की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को होगा एक्जाम

NEET परिक्षा की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को होगा एक्जाम 3 मई को हुई थी परीक्षा, पेपर लीक के बाद 12 मई को किया गया था कैंसिल

NEET परिक्षा की नई तारीख का ऐलान, 21 जून को होगा एक्जाम

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के साथ NEET-UG रीएग्जाम की नई तारीख की घोषणा कर दी है। अब यह परीक्षा रविवार 21 जून को होगी। पहले यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। इसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे। पेपर लीक के आरोप के चलते 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस कैंसिल कर दिया था।

नई एग्जाम डेट के साथ स्टूडेंट्स को राहत दी गई है कि उन्हें परीक्षा के लिए दोबारा अप्लाई नहीं करना होगा। कोई एक्स्ट्रा एग्जाम फीस नहीं देनी होगी। पहले से जमा फीस वापस मिलेगी। इसके अलावा स्टूडेंट्स के एग्जाम सेंटर भी नहीं बदले जाएंगे। NTA के X पोस्ट के मुताबिक नए एडमिट कार्ड देने का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा।

NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर 14 मई को हाईलेवल बैठक हुई थी। NEET-UG 2026 परीक्षा के रद्द होने के दो दिन बाद हुई मीटिंग में दोबारा एग्जाम कराने पर चर्चा हुई थी।

NEET पेपर लीक केस में अब तक 7 गिरफ्तारियां

NEET पेपर लीक पर देशभर में विरोध के बीच गुरुवार को अहमदाबाद में NSUI कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को काले झंडे दिखाए और काफिला रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। CBI ने मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 आरोपियों को 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। वहीं, राजस्थान के सीकर से आरोपी मांगी लाल बिंवाल, जमवारामगढ़ के भाई दिनेश बिंवाल, बेटा विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले यश यादव और नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया। शुभम ने ही यश को पेपर दिया था।

दिल्ली पुलिस की तरफ से गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल भी हैं। पुलिस की तरफ से दावा किया जा रहा है कि जायसवाल पूरे नेक्सस का किंगपिन है। ये बच्चों और उनके गार्जियन को मेडिकल कॉलेज में 20-30 लाख में एडमिशन कराने का झांसा देता था। संतोश कुमार जायसवाल को लालू यादव और तेजस्वी यादव का करीबी बताया जाता है।

यश ने सीकर पहुंचाया था पेपर

CBI को पता चला है कि लीक पेपर कथित तौर पर आरोपी यश यादव के जरिए राजस्थान पहुंचा था। सूत्रों के मुताबिक, छात्रों से पेपर तक पहुंच दिलाने के बदले 2 लाख से 5 लाख रुपए तक वसूले गए थे। यश यादव की पहचान एक अन्य आरोपी विकास बिंवाल से थी। जांच में सामने आया है कि विकास के पिता दिनेश ने कथित तौर पर NEET-UG के प्रश्नपत्र की हार्ड कॉपी को स्कैन कर उसे PDF फाइल में बदला था। आरोपियों ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र को पहले हाथ से लिखा और फिर स्कैन कर राजस्थान के सीकर जिले में कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले छात्रों के बीच प्रसारित किया। सीकर में 3 मई की रात को थाने पहुंचे कोचिंग सेंटर के टीचर और पीजी संचालक के पास वायरल गेस पेपर (क्वेशन बैंक) था। इसमें मूल पेपर के 180 सवाल में से 150 सवाल हूबहू थे।

NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल सीटों में एडमिशन

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। अभी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।

2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था

2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।