छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार, रिजिजू बोले- अमित शाह देंगे जवाब
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच किरेन रिजिजू ने सरकार के चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही है। विपक्ष अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है।
नई दिल्ली। छात्रों के प्रदर्शन और उससे जुड़ी पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में चल रही तकरार के बीच केंद्र सरकार ने चर्चा का रास्ता खुला रखा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन से जुड़े हर पहलू पर सदन में विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार है। इसमें प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई भी शामिल है।रिजिजू का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह खुद संसद में आकर पूरे मामले पर सरकार का पक्ष रखें।
विपक्ष की मांग पर सरकार का जवाब
विपक्ष की ओर से दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल और बिहार में प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी के हाथ में AK-47 दिखने के मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।विपक्ष चाहता है कि इन घटनाओं पर गृह मंत्री सदन में जवाब दें और सरकार की स्थिति स्पष्ट करें।अब सरकार ने कहा है कि इन मुद्दों पर चर्चा से उसे कोई परेशानी नहीं है। किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर पूरी और विस्तृत बहस के लिए तैयार है।
Delhi: Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, "We are ready to give a detailed response. I request the Congress party and the Opposition not to be afraid or run away when the Home Minister gives his response. They must listen to the entire response. I have also… pic.twitter.com/aDGn5ERiXm
— IANS (@ians_india) August 10, 2026
रिजिजू ने विपक्ष से क्या अपील की?
सरकार की ओर से चर्चा की हामी भरने के साथ रिजिजू ने विपक्ष को एक शर्त भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्री सदन में जवाब दें तो विपक्ष को हंगामा नहीं करना चाहिए।रिजिजू का कहना है कि अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री जवाब दे रहे हैं, तो विपक्ष को उनका जवाब सुनना चाहिए। उनका आरोप है कि सदन में व्यवधान पैदा होने से सरकार का पक्ष ठीक से सामने नहीं आ पाता।यानी सरकार का संदेश साफ है—बहस के लिए दरवाजा खुला है, लेकिन सदन की कार्यवाही बाधित नहीं होनी चाहिए।
#WATCH | Delhi | Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, "Rahul Gandhi had demanded that Home Minister Amit Shah make a statement in Parliament regarding the student protests. We have made it very clear that Home Minister Amit Shah will not only make a statement… pic.twitter.com/A0Ea7QANGd
— ANI (@ANI) August 10, 2026
अमित शाह के बयान पर अटका मामला
छात्र आंदोलन का मुद्दा संसद में पहले से ही विपक्ष और सरकार के बीच टकराव का कारण बना हुआ है। विपक्ष लगातार गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है।विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब मामला गृह मंत्रालय से जुड़े कानून-व्यवस्था के सवालों से जुड़ा है, तो गृह मंत्री को खुद सदन में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।सरकार की ओर से अब चर्चा के लिए सहमति जताए जाने के बाद देखना होगा कि विपक्ष इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है या नहीं।
दिल्ली में पेलेट गन और बिहार में AK-47 का मुद्दा
विवाद के केंद्र में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई है।दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वहीं बिहार में प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी के हाथ में AK-47 नजर आने के बाद भी राजनीतिक विवाद बढ़ गया।विपक्ष इन दोनों घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है और पूरे मामले पर संसद में चर्चा चाहता है।
परीक्षा में गड़बड़ी भी आंदोलन की बड़ी वजह
छात्रों का आंदोलन सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है। परीक्षा में कथित गड़बड़ी और भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को लेकर भी छात्र लंबे समय से सवाल उठा रहे हैं।इसी बीच सरकार परीक्षा में अनुचित साधनों और पेपर लीक जैसे मामलों पर कार्रवाई से जुड़े कानून में बदलाव की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।विपक्ष हालांकि छात्रों की शिकायतों के साथ-साथ प्रदर्शन के दौरान पुलिस के रवैये को भी संसद में उठाना चाहता है।
अब संसद में क्या होगा?
रिजिजू के बयान के बाद अब अगला कदम विपक्ष की रणनीति पर निर्भर करेगा। सरकार का कहना है कि वह छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष की प्रमुख मांग गृह मंत्री अमित शाह से सीधे जवाब की है।अगर दोनों पक्षों के बीच चर्चा को लेकर सहमति बनती है, तो संसद में छात्रों के आंदोलन, परीक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई से जुड़े कई सवालों पर सरकार को जवाब देना पड़ सकता है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चर्चा के लिए सरकार की पेशकश संसद में जारी गतिरोध खत्म कर पाएगी, या अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्ष अपना विरोध जारी रखेगा?
Anubhav Dubey 
