10 April 2026: रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने ठेकेदार से की 4 करोड़ की धोखाधड़ी, पढ़ें इंदौर क्राइम की आज की खबरें

रेड बुल की सप्लाई के नाम पर लाखों की ठगी, मुंबई की कंपनी पर केस दर्ज।

10 April 2026: रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने ठेकेदार से की 4 करोड़ की धोखाधड़ी, पढ़ें इंदौर क्राइम की आज की खबरें

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने ठेकेदार से की 4 करोड़ की धोखाधड़ी

इंदौर में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर करोड़ों रुपये हड़पने का आरोप लगा है। क्राइम ब्रांच ने फरियादी की शिकायत और शुरुआती जांच के बाद मामले में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कंपनी के कर्ताधर्ताओं की भूमिका की जांच कर रही है।

सुदामा नगर निवासी प्रमोद शर्मा, जो पेशे से ठेकेदार हैं, उन्होंने इंदौर क्राइम ब्रांच में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शर्मा के मुताबिक, उन्होंने राजस्थान स्थित एक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के साथ सब-कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम शुरू किया था। उन्होंने देवास जिले में रेलवे से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का काम सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसकी कुल लागत लगभग 4 करोड़ रुपये थी।

आरोप है कि काम पूरा होने के बावजूद हनुमान प्रसाद एंड कंपनी ने उन्हें भुगतान नहीं किया और उनके पैसे हड़प लिए। फरियादी प्रमोद शर्मा की शिकायत पर प्राथमिक जांच की गई। प्रथम दृष्टया मिले साक्ष्यों के आधार पर हनुमान प्रसाद रेलवे इंफ्रा कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामला अब विवेचना में है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेड बुल की सप्लाई के नाम पर लाखों की ठगी, मुंबई की कंपनी पर केस दर्ज

इंदौर में व्यापार के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक कैफे संचालक से रेड बुल एनर्जी ड्रिंक की सप्लाई के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने मुंबई स्थित एक ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कनाडिया थाना क्षेत्र के रहने वाले फरियादी नमन जैन, जिनका खुद का कैफे है, उन्होंने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है कि उनके साथ व्यापारिक धोखाधड़ी हुई है। नमन ने मुंबई की रॉयल ट्रेडर्स नामक कंपनी से रेड बुल एनर्जी ड्रिंक खरीदने का सौदा किया था।

सौदा तय होने के बाद, नमन ने अलग-अलग किश्तों में लगभग 2, लाख 97 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर की थी। लेकिन, भुगतान के बाद भी कंपनी ने न तो माल की सप्लाई की और न ही पैसे वापस लौटाए। जब फरियादी को अहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है, तो उन्होंने पुलिस की शरण ली है। जिसमें फरियादी की शिकायत के आधार पर कनाडिया पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डीसीपी ने क्षेत्रीय थाना प्रभारी नीरज बीरथरे को लाईन अटैच किया

इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक्सीडेंट के बाद एक ड्राइवर द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में डीसीपी ने क्षेत्रीय थाना प्रभारी नीरज बीरथरे को लाईन अटैच कर दिया है। दरअसल 6 और 7 अप्रैल के मध्य रात्रि को कपिल और अभिषेक की कार आपस में टकरा गई थी। जिसके बाद राजेंद्र नगर थाने के सब इंस्पेक्टर मनोहर पाल ने अभिषेक को पकड़कर हिरासत में ले लिया था और कार भी जब्त कर ली थी।

आरोप है कि इस मामले में सब इंस्पेक्टर मनोहर ने अभिषेक से 50 हजार की मांग की थी। 8 अप्रैल की रात अभिषेक ने अपने पलाश परिसर स्थित घर पर आत्महत्या कर ली और मौत को गले लगाने से पहले एक वीडियो बनाया। जिसमें उसने थाना राजेंद्र नगर के सब इंस्पेक्टर मनोहर सिंह और थाना प्रभारी नीरज बिरथरे पर आरोप लगाए थे।

अभिषेक ने मारपीट किए जाने सब इंस्पेक्टर मनोहर द्वारा पचास हजार की डिमांड किए जाने और पूरी घटना के जानकारी होने के बाद भी थाना प्रभारी बिरथरे द्वारा सहयोग ना किए जाने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद त्वरित रूप से सब इंस्पेक्टर मनोहर को सस्पेंड कर दिया गया था। अब दो दिन बाद डीसीपी कृष्ण लालचंदानी द्वारा थाना प्रभारी को पूरी घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए लाईन अटैच कर दिया है।

महिला आरक्षक ने घरेलू विवाद के चलते किया आत्महत्या का प्रयास

इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित फर्स्ट बटालियन में अपने परिवार के साथ रहने वाली एक महिला आरक्षक ने घरेलू विवाद के चलते आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में महिला को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

महिला आरक्षक रुचि ने पारिवारिक विवाद के चलते यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजनों और साथियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि महिला का पति पंकज भी क्राइम ब्रांच में आरक्षक के पद पर पदस्थ है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और महिला आरक्षक के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करने में मिली पुलिस को सफलता

इंदौर के संयोगितागंज थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आदतन वाहन चोर अनवर उर्फ अनु शाह को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ कुल 46 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी की निशानदेही पर विभिन्न इलाकों से चोरी की गई 36 मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम का प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से खुलासा करते हुए क्षेत्रीय डीसीपी राजेश व्यास ने बताया कि शहर में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं के मद्देनज़र विशेष अभियान चलाया गया था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर 9 अप्रैल को टीम ने मुंडला बारारा, तहसील नरसिंहगढ़ निवासी अनवर शाह और उसके साथी जीवन वर्मा को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने शहर और अन्य राज्यों राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से बाइक चोरी करने की बात कबूल की। वे चुराई गई बाइक को जंगलों में छिपाकर रखते थे और मौका मिलने पर दूसरे जिलों में बेच देते थे।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 36 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं, जिनमें 20 वाहन अनवर शाह तथा 16 वाहन जीवन वर्मा की बताई गई छिपाई गई लोकेशन से मिले। आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी को ही अपनी रोज़ी-रोटी बना चुके थे। व्यास ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी संयोगितागंज व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।