अष्टभुजा धाम के हरियाली मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, अव्यवस्थाओं ने बढ़ाई श्रद्धालुओं की परेशानी
मऊगंज के अष्टभुजा धाम में आषाढ़ के अंतिम गुरुवार हरियाली मेले में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। भारी भीड़ के बीच अव्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं ने प्रशासन पर सवाल उठाए.
मऊगंज. आषाढ़ मास के अंतिम गुरुवार को विंध्य क्षेत्र के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अष्टभुजा धाम में हरियाली पूजा के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर माता रानी के जयकारों से गूंजता रहा। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता अष्टभुजा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, मानस प्रवचन, सत्यनारायण भगवान की कथा और भंडारे का आयोजन किया गया, जहां प्रसाद ग्रहण करने के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। मेले में बच्चों के खिलौने, महिलाओं के श्रृंगार और गृहस्थी के सामान की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ रही.
भीड़ के आगे व्यवस्था हुई बेबस
श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बीच मंदिर और प्रशासन की व्यवस्थाएं अपर्याप्त नजर आईं। दर्शन के लिए घंटों लंबी कतारें लगी रहीं और कई स्थानों पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन गई। श्रद्धालुओं का आरोप है कि पेयजल, छाया, प्राथमिक चिकित्सा और भीड़ नियंत्रण जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं थीं। मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और स्वयंसेवकों की कमी भी साफ दिखाई दी, जिससे लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा.
हर साल उठती है बेहतर प्रबंधन की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि अष्टभुजा धाम में हर सोमवार और गुरुवार को श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, जबकि आषाढ़ के हरियाली मेले और नवरात्रि के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसके बावजूद हर वर्ष व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आती हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए पहले से व्यापक योजना बनाई जाए, ताकि सुरक्षा, यातायात और दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
Anubhav Dubey 
