कर्नाटक में 4 डिप्टी CM बन सकते हैं: डीके शिवकुमार अगले हफ्ते ले सकते हैं शपथ, सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे

कर्नाटक में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। डीके शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं, जबकि सरकार में 4 डिप्टी CM बनाए जाने की चर्चा तेज है।

कर्नाटक में 4 डिप्टी CM बन सकते हैं: डीके शिवकुमार अगले हफ्ते ले सकते हैं शपथ, सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे

कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर शिवकुमार होंगे नए सीएम और बन सकते हैं चार डिप्टी सीएम, इस्तीफे के बाद दिल्ली पहुंचे सिद्धारमैया ने राहुल गांधी और खड़गे से की मुलाकात नए मंत्रिमंडल में बेटे के लिए अहम मंत्रालय की मांग की कैबिनेट से हटाए जा सकते हैं दस मंत्री
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के ठीक एक दिन बाद सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक में सिद्धारमैया ने हाईकमान के सामने अपनी कई मांगें रखी हैं जिसमें उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए नए मंत्रिमंडल में अहम मंत्रालय की मांग भी शामिल है। दूसरी तरफ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है और पार्टी सूत्रों का कहना है कि डीके शिवकुमार अगले हफ्ते नए मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए इस बार कैबिनेट में चार डिप्टी सीएम भी बनाए जा सकते हैं।

कैबिनेट में बड़े बदलाव की तैयारी प्रियंक खड़गे भी बन सकते हैं उपमुख्यमंत्री..
पार्टी सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के बदलने के साथ-साथ पूरी कैबिनेट भी बदली जाएगी। मौजूदा कैबिनेट से करीब दस मंत्रियों को हटाया जा सकता है। शिवकुमार कैबिनेट में सिद्धारमैया और मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे समेत चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि नए मंत्री डिप्टी सीएम सिद्धारमैया की पसंद के होंगे और इन्हीं नामों पर मुहर लगवाने के लिए सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे हैं। उनके साथ डीके शिवकुमार भी दिल्ली में मौजूद हैं। यह पहला मौका नहीं है जब किसी राज्य में एक साथ इतने डिप्टी सीएम बनाए जा रहे हैं। इससे पहले साल 2019 में आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने पांच डिप्टी सीएम के साथ सरकार चलाई थी।

तीन साल की खींचतान तीन दिनों में खत्म ढाई ढाई साल के फॉर्मूले पर हुई चर्चा..
कर्नाटक में यह तीन साल की खींचतान महज तीन दिनों के भीतर खत्म हुई है। छब्बीस मई को कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली तलब किया था। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ लंबी चर्चा के बाद सत्ता परिवर्तन का यह रास्ता साफ हुआ। सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला जैसे मामलों में घिर चुकी थी। पार्टी हाईकमान का मानना था कि समय रहते नेतृत्व बदलने से मंत्रियों के खिलाफ पैदा हो रही एंटी इंकम्बेंसी को खत्म किया जा सकता है। इससे पहले साल 2023 में जब कांग्रेस ने चुनाव जीता था तब दोनों नेताओं के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर सात दिनों तक खींचतान चली थी जिसके बाद ढाई-ढाई साल के रोटेशनल फॉर्मूले की चर्चा सामने आई थी।

देश के सबसे अमीर नेताओं में शुमार हैं नए कप्तान डीके शिवकुमार..
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में शुमार हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके पास चौदह सौ तेरह करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट, खनन और होटल कारोबार से जुड़े हैं। वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले डीके शिवकुमार कनकपुरा सीट से विधायक हैं और कांग्रेस में उनकी पहचान एक संकटमोचक और कुशल चुनाव मैनेजर के रूप में होती है। हालांकि डीके शिवकुमार पर मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के कई मामले भी दर्ज हैं जिसके चलते साल 2019 में उन्हें पचास दिन तिहाड़ जेल में भी बिताने पड़े थे। अब आलाकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए राज्य की कमान सौंपने का फैसला किया है।