नई दिल्ली: प्री-बजट बैठक में मध्यप्रदेश की मजबूत पैरवी, सिंहस्थ-2028 के लिए 20 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की मांग
भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पूरी क्षमता से योगदान देगा : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
नई दिल्ली/भोपाल, 10 जनवरी 2026। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र और विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में मध्यप्रदेश अपनी पूरी क्षमता से योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बात मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने नई दिल्ली में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट बैठक में कही। बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने की।
एमपी के डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा कि भारत ने जापान जैसे विकसित देश को पीछे छोड़ते हुए विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान प्राप्त किया है, जो प्रधानमंत्री श्री मोदी की दूरदर्शी नीतियों और सुदृढ़ आर्थिक प्रबंधन का परिणाम है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री का अभिनंदन किया।
मध्यप्रदेश का सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य के बजट में पर्याप्त प्रावधान किए जा रहे हैं। प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन निरंतर बेहतर हो रहा है, जिसकी सराहना नीति आयोग और भारतीय रिजर्व बैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा भी की गई है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लगातार राजस्व अधिशेष की स्थिति में रहा है और सभी निर्धारित वित्तीय संकेतकों का सफलतापूर्वक पालन कर रहा है। इसके बावजूद, भौगोलिक दृष्टि से बड़े और विविधताओं वाले प्रदेश होने के कारण मध्यप्रदेश को अपेक्षाकृत अधिक वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता रहती है।
जीएसडीपी गणना को लेकर महत्वपूर्ण आग्रह
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की औसत वार्षिक वृद्धि दर 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। 15वें वित्त आयोग की गणना के अनुसार प्रदेश का जीएसडीपी 16 लाख 94 हजार 477 करोड़ रुपये है, जबकि भारत सरकार द्वारा ऋण सीमा निर्धारण के लिए 15 लाख 44 हजार 141 करोड़ रुपये की जीएसडीपी मान्य की जा रही है।
उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश की ऋण प्राप्ति सीमा के निर्धारण में 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित 16.94 लाख करोड़ रुपये की जीएसडीपी को ही आधार माना जाए, ताकि मध्यप्रदेश अपनी विकास योजनाओं को और अधिक गति दे सके। साथ ही, भविष्य में भी ऋण सीमा निर्धारण के लिए इसी गणना पद्धति को अपनाने का अनुरोध किया गया।
सिंहस्थ-2028 के लिए 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज
उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु मां क्षिप्रा में स्नान कर बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में सड़क निर्माण, घाटों का विकास, पुल-पुलिया निर्माण, आवासीय सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा अवसंरचना के बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अधोसंरचनात्मक विकास कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार की विशेष सहायता आवश्यक है।
एस.एन.ए. स्पर्श प्रणाली की सराहना
उप मुख्यमंत्री ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत व्यय की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए लागू की गई एस.एन.ए. स्पर्श प्रणाली की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में इस प्रणाली से योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आई है और धनराशि का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित हुआ है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश सरकार ने एस.एन.ए. स्पर्श के समान ही राज्य के कोष से पूर्णतः पोषित योजनाओं के लिए भी एक समर्पित प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है।
जीएसटी युक्ति-युक्तकरण से अर्थव्यवस्था को बल
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में किए गए युक्ति-युक्तकरण का प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आम उपयोग की वस्तुओं जैसे पनीर, ब्रेड, बटर, चीज, साबुन, शैम्पू, जीवन रक्षक दवाएँ और मेडिकल ऑक्सीजन पर कर दरों में राहत से आम नागरिकों को लाभ मिला है।
इसके अलावा, टेलीविजन, एयर कंडीशनर, छोटी कारें, बाइक, ट्रैक्टर और सिंचाई उपकरणों की कीमतों में कमी आने से किसानों, मध्यम वर्ग, वेतनभोगियों और महिलाओं में संतोष और खुशी का माहौल है। इससे क्रय-विक्रय में वृद्धि हुई है, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।
पूंजीगत व्यय में निरंतर वृद्धि
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 में अधोसंरचना विकास के लिए प्रारंभ की गई विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत मध्यप्रदेश को निरंतर लाभ मिला है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश का पूंजीगत व्यय 67 हजार 441 करोड़ रुपये रहा, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूंजीगत व्यय 82 हजार 513 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के अंतर्गत और अधिक बजटीय प्रावधान करने का अनुरोध किया, ताकि प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई गति मिल सके।
विकसित भारत जी राम जी अधिनियम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
उप मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित योजनाओं जैसे विकसित भारत जी राम जी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय उद्यानिकी मिशन, केंद्रीय सड़क निधि और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए केंद्र का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी को प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिवस किए जाने का निर्णय अत्यंत स्वागत योग्य है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को और सशक्त बनाने के लिए भी सुझाव दिए।
अंत में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।
Varsha Shrivastava 
