मऊगंज: तनावमुक्त जीवन का आधार, राजयोग और आध्यात्मिक चिंतन  

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा- आत्मबोध से बढ़ती है कार्यक्षमता, ब्रह्माकुमारीज़ की पहल सराहनीय  

मऊगंज: तनावमुक्त जीवन का आधार, राजयोग और आध्यात्मिक चिंतन  

मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी। 

वर्तमान समय की आपाधापी भरी जीवनशैली में बढ़ते मानसिक तनाव से निपटने के लिए आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जीवनशैली को अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाकर तनावमुक्त, संतुलित और प्रभावी जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यह बात कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में व्यक्त किए। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, उप सेवाकेंद्र मऊगंज द्वारा आयोजित "तनावमुक्त खुशहाल जीवन एवं अध्यात्म से व्यक्तित्व का विकास" विषयक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

कलेक्टर जैन ने कहा कि शासकीय सेवा हो या निजी जीवन, हर जगह दबाव और चुनौतियां हैं। ऐसे में यदि हम प्रतिदिन 10-15 मिनट भी आत्मचिंतन और परमात्मा की स्मृति के लिए निकालें तो हमारी कार्यक्षमता, एकाग्रता और निर्णय लेने की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। इससे व्यवहार में भी सकारात्मक परिवर्तन आता है और टीम भावना मजबूत होती है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा समाज में शांति और मूल्य आधारित जीवन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही आह्वान किया कि जिले में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएं।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माउंट आबू से पधारे बीके राजू भाई ने राजयोग को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि तनाव का मूल कारण स्वयं को भूल जाना है। जब हम खुद को शरीर न मानकर शांत, पवित्र और शक्तिशाली आत्मा समझते हैं, तभी स्थायी सुख-शांति मिलती है। उन्होंने तनावमुक्त जीवन के तीन सूत्र दिए - सात्विक भोजन, श्रेष्ठ एवं शुद्ध विचार और प्रतिदिन ईश्वर की याद। राजयोग से मन की भटकन रुकती है और भीतर से खुशी का अनुभव होता है।

ब्रह्माकुमारीज़ रीवा सब ज़ोन के संयोजक बीके प्रकाश भाई ने कहा कि दुआएं देना और दुआएं लेना जीवन की सबसे बड़ी आध्यात्मिक कमाई है। दूसरों के प्रति सम्मान, क्षमा भाव और शुभकामनाएं रखने से हमारा अपना मन भी हल्का और प्रसन्न रहता है। यही सच्चा व्यक्तित्व विकास है।

डिप्टी कलेक्टर रश्मि चतुर्वेदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आध्यात्मिकता कोई अलग काम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला है। यह व्यक्ति को मानसिक रूप से सशक्त बनाती है, जिससे वह बड़ी से बड़ी समस्या का सामना भी शांति से कर पाता है।

कार्यक्रम का संचालन बीके खुशबू दीदी ने किया। इस अवसर पर बीके सुभाष भाई, बीके रानी माता सहित ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के सदस्य तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में सभी ने सामूहिक राजयोग अभ्यास किया और तनावमुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया।