MP में स्कूल चलें हम अभियान, 4 लाख स्टूडेंट्स को मिलेंगी साइकिल

मध्यप्रदेश में "स्कूल चलें हम अभियान" के तहत भोपाल से प्रवेश उत्सव 2026 की शुरुआत हुई, जिसमें छात्रों को साइकिल, किताबें और अन्य सामग्री वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा नामांकन बढ़ाना और ड्रॉपआउट छात्रों को दोबारा शिक्षा से जोड़ना है।

MP में स्कूल चलें हम अभियान, 4 लाख स्टूडेंट्स को मिलेंगी साइकिल
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MP में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल से "स्कूल चलें हम अभियान" की शुरुआत की। भोपाल के मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल से राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव कार्यक्रम 2026 की शुरुआत की गई, जहां CM ने 9वीं कक्षा के छात्रों को फ्री साइकिल बांटी। वहीं इंदौर के शासकीय स्कूलों में भी प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां बच्चों को स्टेशनरी का सामान बांटा गया।

"स्कूल चलें हम अभियान" के तहत अगले 2-3 महीनों में प्रदेश के 4 लाख छात्रों को फ्री साइकिल दी जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य ड्रॉपआउट छात्रों को वापस शिक्षा की राह पर लाना और सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना है।

भोपाल से "स्कूल चलें हम अभियान" के तहत राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ टीटी नगर स्थित मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल में किया गया, जहां मोहन यादव ने कक्षा आठवीं से नवमी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिल और पाठ्य पुस्तकें भेंट कीं तथा पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मंत्री विश्वास सारंग, विजय शाह, कृष्णा गौर और विधायक भगवान दास सबनानी समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जबकि स्कूल गणवेश में शामिल बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।

CM मोहन यादव ने कहा—
"अनुसूचित जाति कार्य विभाग के 25,439 विद्यालयों में 20 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। नामांकन 6 प्रतिशत और शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत हुआ है। हमारी सरकार ने कई विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए हैं। बजट में इसके लिए 250 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जो बच्चे स्कूल में अच्छे प्रतिशत ला रहे हैं, उन्हें स्कूटी दी जा रही है।

उन्होंने आगे कहा—
"55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दी जा चुकी है, इस बार 1 करोड़ 45 लाख नामांकन का लक्ष्य है। हमारी सरकार ने शिक्षकों की भर्ती के लिए और अतिथि शिक्षकों के माध्यम से लगभग 76,325 नियुक्तियां दी हैं। हमारी सरकार का उद्देश्य है कि बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें, आईएएस बनें, शिक्षक बनें, नेता बनें, उज्ज्वल किसान बनें, किसी भी क्षेत्र में जाएं और सफलता प्राप्त करें, देश का नाम रोशन करें।"

राजधानी भोपाल में जहां मुख्यमंत्री की मौजूदगी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम हुआ, वहीं इंदौर में भी जिला स्तरीय प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। इस मौके पर बच्चों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।

1 अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ इंदौर जिले के सभी शासकीय स्कूलों में नई कक्षाओं के लिए विद्यालय खुल गए। इसी के तहत इंदौर में जिला स्तरीय प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया, जहां स्कूल चलो अभियान के तहत नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भाजपा विधायक मालिनी गौड़, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट शामिल हुए।

इस दौरान स्कूल पहुंचे बच्चों का हल्दी-कुमकुम और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। साथ ही स्कूलों को विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे बच्चों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने इस मौके पर बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की।

साथ ही बच्चों को कई तरह की शैक्षणिक सामग्रियों का भी वितरण किया गया। वहीं अतिथियों ने कहा कि स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, जिसमें प्रशासन का पूरा फोकस है कि शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए और प्रदेश सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।