Twisha Sharma Death Case: 5 दिन की CBI रिमांड पर गिरिबाला-समर्थ, वर्चुअल रीक्रिएशन से खुलेंगे राज
गिरिबाला सिंह और समर्थ को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी CBI, ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन होगा, डिजिटल एविडेंस के इन्वेस्टिगेशन के साथ एक्ट्रेस का डिजिटल अवतार भी होगा तैयार
भोपाल में एक्ट्रेस-मॉडल Twisha Sharma की संदिग्ध मौत का मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के हाथों में है। जांच एजेंसी ने इस केस में बड़ा कदम उठाते हुए उनकी सास और रिटायर्ड जज Giribala Singh और पति Samarth Singh को 5-5 दिन की रिमांड पर लिया है। कोर्ट ने CBI की मांग को मंजूरी दी, जिसके बाद जांच ने रफ्तार पकड़ ली है।

आमने-सामने पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज
CBI अब दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी का मानना है कि इससे कई विरोधाभासी बयान सामने आ सकते हैं। समर्थ सिंह पहले से ही 7 दिन की रिमांड पर थे, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है। जांच का फोकस इस बात पर है कि घटना वाली रात घर में क्या हुआ था और कौन-कौन लोग उस समय मौजूद थे। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि समर्थ सिंह ने फरारी के दौरान कहां समय बिताया और किन लोगों से संपर्क किया।

डिजिटल एविडेंस से तैयार हो रही पूरी टाइमलाइन
CBI इस केस में केवल बयानों पर नहीं, बल्कि डिजिटल सबूतों पर भी भरोसा कर रही है। इसके लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल डेटा, वाई-फाई लॉग, CCTV फुटेज और टावर लोकेशन को एक साथ जोड़ा जा रहा है। जांच एजेंसी घर के अंदर ट्विशा के मूवमेंट का एक डिजिटल मॉडल तैयार कर रही है। इसका मकसद यह समझना है कि वह घटना से पहले किस कमरे में थी, कौन अंदर-बाहर आया और किस समय क्या गतिविधि हुई।

वर्चुअल रीक्रिएशन से बनेगा “डिजिटल अवतार”
CBI इस केस में एक खास तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिसे वर्चुअल रीक्रिएशन कहा जाता है। इसके जरिए पूरे घर का एक डिजिटल नक्शा तैयार किया जा रहा है। इस मॉडल में यह दिखाने की कोशिश होगी कि ट्विशा किस समय किस जगह पर थी। घर के कौन से दरवाजे और कमरे खुले या बंद थे। मोबाइल और इंटरनेट गतिविधि किस समय हुई इस प्रक्रिया से घटना से पहले और बाद की पूरी टाइमलाइन को समझने में मदद मिलेगी।

दहेज और मानसिक प्रताड़ना के लगे आरोप
जांच में सामने आया है कि ट्विशा शर्मा के नाम लगभग 20 लाख रुपये के शेयर थे। आरोप है कि इन्हें अपने नाम कराने के लिए पति और सास पर दबाव बनाने के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि शादी के बाद इस मामले को लेकर विवाद बढ़ा। आरोप यह भी हैं कि ट्विशा को मानसिक रूप से परेशान किया जाता था और दहेज की मांग को लेकर विवाद होता था। यह भी सामने आया है कि ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर यह बात कही थी कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। हालांकि, CBI इन सभी बातों की अलग से जांच कर रही है।

घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच और डिजिटल ट्रैकिंग
CBI ने घटनास्थल पर पहले ही स्पॉट वेरिफिकेशन किया है। इसके दौरान एजेंसी को कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे यह शक मजबूत हुआ है कि सबूतों से छेड़छाड़ हो सकती है। अब जांच एजेंसी पूरे घर की फॉरेंसिक मैपिंग कर रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि घटना के समय घर के अंदर कौन-कौन से लोग थे और किन कमरों में मूवमेंट हुआ। कोर्ट में पेशी से पहले Samarth Singh का मेडिकल चेकअप JP Hospital Bhopal में कराया गया। वहीं Giribala Singh का मेडिकल जांच जेल परिसर में ही किया गया।

इस केस में CBI की जांच अब तीन मुख्य दिशा में आगे बढ़ रही है। पहला आरोपियों के बयान की क्रॉस जांच। दूसरा डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों का मिलान। और तीसरा घटना की मिनट-टू-मिनट टाइमलाइन तैयार करना। CBI अब अगले कुछ दिनों में दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी। साथ ही डिजिटल सबूतों और बयानों को मिलाकर एक पूरी टाइमलाइन तैयार की जाएगी।
Varsha Shrivastava 
