Abhishek Sharma ने गेंद से किया कमाल, क्या Gautam Gambhir देंगे नया रोल?
जिम्बाब्वे के खिलाफ अभिषेक शर्मा ने 3 विकेट लेकर ऑलराउंडर के रूप में मजबूत दावेदारी पेश की। जानिए क्यों गौतम गंभीर उन्हें ज्यादा गेंदबाजी नहीं कराते।
Abhishek Sharma Bowling: भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज अपने नाम कर ली। इस मैच में जहां बल्लेबाजों ने 219 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, वहीं युवा खिलाड़ी अभिषेक शर्मा ने गेंद से ऐसा प्रदर्शन किया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बल्लेबाजी में ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाने वाले अभिषेक ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से तीन अहम विकेट लेकर खुद को एक उपयोगी ऑलराउंडर के रूप में पेश किया।
बल्लेबाजी में नहीं चला बल्ला
अभिषेक शर्मा टीम इंडिया के लिए ओपनिंग करने उतरे, लेकिन इस बार उनका बल्ला नहीं चला। उन्होंने 8 गेंदों में सिर्फ 8 रन बनाए और जल्दी पवेलियन लौट गए। हालांकि, भारतीय बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन के चलते टीम ने 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
गेंद हाथ में आते ही बदल गया मैच
जिम्बाब्वे की पारी के दौरान कप्तान श्रेयस अय्यर ने 14वें ओवर में अभिषेक शर्मा को गेंद सौंपी। ओवर की दूसरी गेंद पर ब्रैड इवांस ने उन पर छक्का जड़ा, लेकिन अगली ही गेंद पर अभिषेक ने उन्हें बोल्ड कर शानदार वापसी की।
इसके बाद 16वें ओवर में अय्यर ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया। इस बार अभिषेक ने न्यूमैन को सिर्फ तीन रन पर आउट कर दिया। 18वें ओवर में उन्होंने रिचर्ड नगारवा का विकेट लेकर अपना तीसरा शिकार किया और जिम्बाब्वे की पारी को पूरी तरह दबाव में ला दिया।
ऑलराउंडर के रूप में मजबूत दावेदारी
अभिषेक शर्मा को अब तक टीम इंडिया में मुख्य रूप से बल्लेबाज के तौर पर देखा गया है, लेकिन उनकी गेंदबाजी भी लगातार प्रभाव छोड़ रही है। उन्होंने अंडर-19 क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक कई मौकों पर उपयोगी स्पिन गेंदबाजी की है।
- अंडर-19 विश्व कप 2018: 6 मैचों में 6 विकेट
- आईपीएल: अब तक 11 विकेट
ऐसे में वह टीम इंडिया के लिए एक अतिरिक्त स्पिन गेंदबाजी विकल्प बन सकते हैं।
क्या गंभीर बदलेंगे रणनीति?
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के सामने अब एक नया विकल्प मौजूद है। यदि अभिषेक शर्मा को नियमित तौर पर ऑलराउंडर की भूमिका में इस्तेमाल किया जाता है, तो टीम को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन मिल सकता है।
वहीं, वॉशिंगटन सुंदर लगातार चोटों से जूझते रहे हैं और हाल के मैचों में गेंद से भी ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। ऐसे में अभिषेक को अधिक गेंदबाजी के मौके देने पर टीम संयोजन और मजबूत हो सकता है। इससे कुलदीप यादव जैसे विशेषज्ञ स्पिनर के लिए भी प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान हो सकता है।
टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत
भले ही इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा बल्ले से बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनकी तीन विकेट वाली गेंदबाजी ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर मैच बदलने वाले ऑलराउंडर भी बन सकते हैं। आने वाले मुकाबलों में यदि उन्हें गेंद से लगातार मौके मिलते हैं, तो भारतीय टीम को एक और भरोसेमंद ऑलराउंडर मिल सकता है।

