10 की उम्र में गाया पहला गाना, 16 साल में की भागकर शादी
नहीं रहीं आशा ताई, रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ निधन। उन्हें शनिवार शाम को अस्पताल में भर्ती किया गया था। बॉलीवुड में सुरों की मल्लिका के नाम से पहचान बनाने वाली 'आशा ताई' ने 92 साल की उम्र में आखिरी सांस ली।
आशा भोसले भारतीय संगीत जगत की सबसे प्रसिद्ध गायिकाओं में से एक थी। उनका जन्म 8 सितंबर 1933 को सांगली, महाराष्ट्र में हुआ था। वह मशहूर संगीतकार और थिएटर कलाकार दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और दिग्गज गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थी। बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी कम उम्र में ही उनके ऊपर आ गई और उन्होंने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर संगीत की शुरुआत की।

करियर की शुरुआत
आशा भोसले ने अपने करियर की शुरुआत 1940 के दशक में की। शुरुआती दिनों में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले क्योंकि उस समय उनकी बहन लता मंगेशकर पहले से ही फिल्म इंडस्ट्री में बहुत बड़ी संगीतकार थीं। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और धीरे-धीरे छोटे-बजट की फिल्मों और कोरस सॉन्ग्स से अपना करियर शुरू किया। 1950 और 60 के दशक में संगीतकार ओ.पी. नैयर और बाद में आर.डी. बर्मन के साथ उनकी जोड़ी ने उन्हें बड़ा ब्रेक दिलाया। उनके गाने “नया दौर”, “तीसरी मंज़िल”, “कारवां” जैसी फिल्मों से बेहद प्रसिद्ध हुए।

परिवार और निजी जीवन
आशा भोसले ने 16 साल की उम्र में अपने परिवार के खिलाफ जाकर 31 साल के गणपतराव भोसले से शादी की, जो उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर के सेक्रेटरी थे। यह शादी सफल नहीं रही और समय के साथ दोनों के रिश्ते में तनाव बढ़ता गया। इस शादी से उन्हें तीन बच्चे हुए—हेमंत भोसले, वर्षा भोसले और आनंद भोसले। बाद में यह रिश्ता टूट गया और वे अपने बच्चों के साथ अपने घर लौट आईं। इसके बाद उन्होंने अपने जीवन में बहुत मुश्किल दौर देखा है, जिसमें मानसिक तनाव और संघर्ष शामिल थे। लेकिन अपने बच्चों की परवरिश और करियर को संभालते हुए उन्होंने खुद को बहुत मजबूत बनाया।

आशा भोसले के बच्चे
आशा भोसले के तीन बच्चे थे। उनके बच्चों में से आज केवल एक बेटा जीवित है। उनका बेटा आनंद भोसले अभी जीवित हैं, जबकि उनके दूसरे बेटे हेमंत भोसले का 2015 में निधन हो गया था। उनकी मौत का कारण कैंसर बताया जाता है और बेटी वर्षा भोसले का 2012 में निधन हो चुका है और उनकी मृत्यु आत्महत्या के कारण हुई थी।

आशा भोसले की दूसरी शादी
आशा भोसले की दूसरी शादी आर.डी. बर्मन के साथ हुई थी। दोनों की पहली मुलाकात 1956 में हुई थी, और फिल्म “तीसरी मंज़िल” 1966 के दौरान उनके बीच नज़दीकियाँ बढ़ीं। साथ काम करते-करते उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। आर.डी. बर्मन ने एक दिन मौका देखकर आशा भोसले के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, और उन्होंने तुरंत हाँ कर दी। लेकिन उनकी माँ इस रिश्ते के खिलाफ थीं।

उनका कहना था कि अगर यह शादी हुई तो वह मेरी लाश पर ही होगी। विरोध की वजह आशा भोसले उम्र में आर.डी. बर्मन से बड़ी थीं और उनके तीन बच्चे भी थे। उस समय बर्मन ने अपनी माँ की बात मान ली और शादी नहीं की। पर उनके पिता एस.डी. बर्मन का निधन के बाद उनकी माँ की मानसिक हालत खराब हो गई। उनकी तबीयत और स्थिति को देखते हुए, आर.डी. बर्मन ने 1980 में आशा भोसले से शादी कर ली। आशा भोसले और आर.डी. बर्मन के कोई संतान नहीं हुई। उनकी शादी के लगभग 14 साल बाद आर.डी. बर्मन का निधन हुआ।

20 से ज्यादा भाषाओं में 12,000 से अधिक गाने
आशा भोसले ने अपने करियर में 20 से ज्यादा भाषाओं में 12,000 से अधिक गाने गाए हैं। उनके कुछ मशहूर गानों में “इन आंखों की मस्ती”, “दम मारो दम”, “पिया तू अब तो आजा” और “चुरा लिया है तुमने” शामिल हैं, जो आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। उन्होंने बहुत छोटी उम्र में गायन शुरू कर दिया था, लगभग 1943 के आसपास फिल्मों में गाना शुरू किया, लेकिन शुरुआत में उन्हें छोटे-छोटे मौके मिलते थे। उन्हें असली पहचान 1950 के दशक में मिली, जब उनके गाने फिल्मों में लोकप्रिय होने लगे। इसके बाद 1960 और 70 के दशक में वे पूरी तरह से मशहूर गायिका बन गईं और हिंदी सिनेमा की एक प्रसिद्ध प्लेबैक सिंगर्स बन गईं।

कहा गया आवाज अच्छी नहीं है
आशा भोसले ने बताया था कि करियर की शुरुआत में एक बार उन्हें और किशोर कुमार को रिकॉर्डिंग स्टूडियो से वापस भेज दिया गया था, क्योंकि साउंड रिकॉर्डिस्ट ने उनकी आवाज को अच्छी नहीं बताया था। यह बात 1947 के आसपास की है, जब वे एक फिल्म के लिए गाना रिकॉर्ड करने गए थे। उस समय टेक्नोलॉजी भी बहुत साधारण थी और रिकॉर्डिंग के तरीके भी बहुत साधारण होते थे। लेकिन बाद में यही आशा भोसले भारतीय संगीत की सफल गायिकाओं में से एक बनीं और हजारों गाने गाए। बाद में आशा भोसले और किशोर कुमार ने एक साथ 600 से अधिक डुएट गाए हैं।

आशा भोसले के अवार्ड्स
आशा भोसले का नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। उन्हें यह रिकॉर्ड सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली गायिकाओं में से एक होने के कारण मिला। उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में लगभग 12,000 से ज्यादा गाने गाए हैं। उन्हें भारत सरकार सम्मान
पद्म विभूषण 2008 – भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2000 – भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान


