Balaghat में बच्चों की मौत के बाद बड़ा फैसला : बैगा क्षेत्रों में 67 नए चिकित्सा अधिकारी तैनात, डिप्टी CM ने की समीक्षा बैठक
Balaghat Health Services : उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट के हर क्षेत्र को प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए। कोई भी पात्र व्यक्ति इलाज और जरूरी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
Balaghat Health Services : भोपाल। बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कुपोषण, खसरा और मलेरिया से 26 बच्चों की मौत के बाद यहां 67 नए चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भोपाल स्थित निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बालाघाट जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच, उपलब्ध संसाधनों और मैदानी व्यवस्था की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट के हर क्षेत्र को प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए। कोई भी पात्र व्यक्ति इलाज और जरूरी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
दूरस्थ क्षेत्रों पर रहेगा विशेष ध्यान
डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाई जाए। इसके लिए जरूरत के अनुसार मानव संसाधन, दवाएं, उपकरण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने अधिकारियों से नियमित मैदानी दौरे करने और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा। स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।

100 प्रतिशत टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं का पंजीयन
उप मुख्यमंत्री ने बालाघाट के उन क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, जहां लोगों तक स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी सीमित है। उन्होंने बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही हर गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन और सभी जरूरी ANC जांच कराने के निर्देश दिए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान कर नियमित फॉलोअप करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने को कहा गया।
संस्थागत प्रसव और बर्थ वेटिंग होम पर जोर
डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती कर उचित निगरानी देने को कहा गया। दूरस्थ इलाकों में बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। इससे हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

67 नए मेडिकल ऑफिसर की पदस्थापना
बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को देखते हुए 67 नए मेडिकल ऑफिसर की पदस्थापना की गई है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन डॉक्टरों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों की नियमित मैदानी मौजूदगी जरूरी है। अधिकारियों को स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा कर कर्मचारियों की समस्याएं समझने और उन्हें बेहतर काम के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया।
नए PHC और स्वास्थ्य संस्थानों को मिलेगा समर्थन
जिले के मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा दो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक सब हेल्थ सेंटर और दो मोबाइल मेडिकल यूनिट की स्वीकृति के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट की जरूरत के अनुसार आगे भी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। आशा और एएनएम के पदों की जरूरत होने पर उनकी स्वीकृति भी दी जाएगी।

बच्चों के इलाज और टीकाकरण पर विशेष जोर
जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों की पहचान और समय पर उपचार को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। जन्मजात हृदय रोग, क्लेफ्ट लिप और क्लब फुट जैसी समस्याओं वाले बच्चों को चिन्हित कर जरूरी सर्जरी और उपचार कराने को कहा गया। RBSK के तहत पात्र बच्चों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। टीकाकरण में पीछे रह रहे क्षेत्रों के लिए हायर्ड वैक्सीनेटर और वैकल्पिक वैक्सीन डिलीवरी जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
पंचायतों और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने पंचायतों को सुमन पंचायत बनने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य जागरूकता और स्वच्छता अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। पेयजल, बाल पोषण और आंगनवाड़ी सेवाओं को भी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़कर मजबूत करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि विभागीय प्रयासों के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ही स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाया जा सकता है।

संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत के अनुसार मानव संसाधन, दवाएं, उपकरण और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, संस्थागत प्रसव और जन्मजात बीमारियों के उपचार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, आयुक्त धनराजू एस, NHM की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना, बालाघाट कलेक्टर कुँअर सत्यम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


