Bhopal: गैस डिलीवरी में गड़बड़ी,मैसेज के बाद भी नहीं मिला सिलेंडर, चाय-नाश्ता भी महंगा
भोपाल में गैस सिलेंडर डिलीवरी सिस्टम में गड़बड़ी के कारण लोगों को मैसेज मिलने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा, वहीं नए कनेक्शन पर रोक ने परेशानी बढ़ा दी है। इसका असर अब बाजार पर भी दिख रहा है, जहां चाय-नाश्ता तक महंगा हो गया है।
भोपाल: घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों को गैस सिलेंडर पाने के लिए एजेंसियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, नए कनेक्शन पर रोक ने हालात और बिगाड़ दिए हैं ,वहीं बाजार में महंगाई की मार अब चाय-नाश्ते तक पहुंच गई है।

डिलीवरी सिस्टम फेल, उपभोक्ता परेशान
शहर में गैस डिलीवरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज तो मिल रहा है, लेकिन जब वे एजेंसी पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि सिलेंडर पहले ही उनके पते पर डिलीवर किया जा चुका है।इस गड़बड़ी के चलते लोग बार-बार एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा। कई उपभोक्ताओं को तो अगले महीने तक इंतजार करने की बात कही जा रही है। शिवम जोगी ने पब्लिक वाणी को बताया कि कुछ दिन पहले मैने गैस सिलेंडर बुक किया था। लेकिन मेरा गैस सिलेंडर किसी दूसरे को डिलीवर कर दी गई,अब मुझे गैस संचालक आने वाली 17 अप्रैल 2026 का बोल रहे हैं घर में बहुत दिक्कतें आ रही हैं।
जांच टीम कागजों में, मैदान से गायब
स्थिति को गंभीर देखते हुए कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदार स्तर की टीम बनाकर गैस एजेंसियों की जांच के निर्देश दिए हैं। टीम को रेंडम चेकिंग कर रोज रिपोर्ट देने के आदेश भी दिए गए हैं।हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अभी तक शहर में कहीं भी सख्त जांच या कार्रवाई नजर नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि तैयारी चल रही है, लेकिन कार्रवाई कब शुरू होगी, यह स्पष्ट नहीं है।

नए कनेक्शन पर रोक, लोग भटकने को मजबूर
गैस सिलेंडर की कमी के चलते शहर में नए गैस कनेक्शन जारी करने पर रोक लगा दी गई है। एजेंसियों को ऊपर से निर्देश मिलने की बात कही जा रही है।
इस वजह से नए उपभोक्ता एजेंसियों के बाहर भटकते नजर आ रहे हैं, लेकिन उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिल रही। प्रमोद भूते ने बताया नए कनेक्शन लेने में मुझे बहुत दिक्कत आ रही है, परिवार के साथ भोपाल में रहता हूं।

महंगाई की मार: चाय-समोसा भी महंगा
राजधानी में गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम और आपूर्ति में कमी का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। चाय-नाश्ते की दुकानों पर धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, जिससे रोजाना खाने-पीने वाले लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।शहर में समोसा, कचौड़ी और चाय जैसे सामान्य नाश्ते अब महंगे हो गए हैं। पहले जहां समोसा 10 में मिलता था, अब वही 15 से 20 रुपए में बिक रहा है। वहीं चाय भी 7 से बढ़कर 10 रुपए तक पहुंच गई है। फरियाली नाश्ते के दामों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर आम लोगों और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है, जो कम खर्च में पेट भरने के लिए इन दुकानों पर निर्भर रहते हैं।

ब्लैक में बिक रहे सिलिंडर
सप्लाई में कमी का फायदा उठाकर कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर ब्लैक में बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें नियमित आपूर्ति नहीं मिल रही, जिससे उन्हें महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।इसका सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ रहा है, क्योंकि दुकानदार बढ़ी हुई लागत को कीमतों में जोड़ रहे हैं। व्यापारियों का कहना है ,गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और समय पर सप्लाई नहीं मिल रही, जिसके कारण मजबूरी में रेट बढ़ाने पड़ रहे हैं। हालांकि, बढ़ती कीमतों का असर उनकी बिक्री पर भी पड़ रहा है और ग्राहकी कम होने लगी है।
sanjay patidar 
