भोपाल: हिंदू संगठनों ने घेरा महापौर का बंगला घेरा, कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने किया स्लॉटर हाउस का निरीक्षण
गोमांस मामले में भोपाल में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन। महापौर के बंगले का किया घेराव। महापौर मालती राय से की इस्तीफे की मांग। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में स्लॉटर हाउस का निरीक्षण किया।
भोपाल। गोमांस तस्करी के मामले में 21 जनवरी बुधवार को हिंदू संगठनों सड़कों पर उतर आया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भोपाल महापौर मालती राय के बंगले का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्साए कार्यकर्ताओं ने बंगले के बार महापौर की नेम प्लेट और होर्डिंग्स पर लगी फोटो पर स्याही पोत दी। प्रदर्शनकारियों ने मालती राय के खिलाफ नारेबाजी की और इस्तीफे की भी मांग की। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह प्रतीकात्मक विरोध है, जो नगर निगम की भूमिका और स्लॉटर हाउस में कथित गोकशी के मामलों पर कार्रवाई न होने के खिलाफ किया गया है। हिंदू ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में चल रहे स्लाटर हाउसों और मांस के अवैध कारोबार पर महापौर को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए। उनका कहना है कि नगर निगम की जानकारी के बिना इतना बड़ा नेटवर्क नहीं चल सकता।
कार्रवाई नहीं होने तक जारी रहेगा आंदोलन
हिंदू उत्सव समिति और अन्य संगठनों का आरोप है कि शहर में लंबे समय से गोमांस तस्करी का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संगठनों का कहना है कि जब तक पूरे नेटवर्क और इसके मास्टर माइंड पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर निगम के संरक्षण के बगैर यह कारोबार नहीं चल सकता है। हिंदू संगठनों ने 17 दिसंबर 2025 को PHQ के सामने पकड़े गए मांस से भरे ट्रक का हवाला देते हुए कहा कि उस समय ट्रक से भारी मात्रा में संदिग्ध मांस बरामद किया था। मामले में स्लाटर हाउस संचालक असलम चमड़ा को जेल भेजा गया, लेकिन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह सिर्फ एक कड़ी है, जबकि पूरा नेटवर्क अभी भी सक्रिय है।
कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल भी पहुंचा स्लॉटर हाउस
इधर, स्लॉटर हाउस मामले में कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल भोपाल स्लॉटर हाउस पहुंचा। जहां, पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया गया। कांग्रेस नेता अमित शर्मा ने आरोप लगाया कि इस मामले को दबाने और दस्तावेजों को मिटाने की कोशिश की जा रही। स्लॉटर हाउस को प्रशासन द्वारा सील करने के बाद भी आवागमन चालू है। जब हम लोगों ने स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया तो हाउस को बाहर से तो सीज कर दिया गया, लेकिन अंदर सिर्फ एक ताला लगा हुआ है।

Varsha Shrivastava 
