'नौकरी दे दो या मौत': भोपाल में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग, 3 दिन से धरने पर अभ्यर्थी
भोपाल के नीलम पार्क में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थी तीन दिन से धरने पर बैठे हैं। एक अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर है। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती में अधिक पद जोड़ने और द्वितीय काउंसलिंग कराने की मांग की है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में जारी है। 21 अगस्त से शुरू हुए इस धरने में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी पहुंचे हैं। कई अभ्यर्थी अपने छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठे हैं।

अभ्यर्थियों का कहना है कि पदवृद्धि की मांग को लेकर यह उनका 13वां आंदोलन है। इससे पहले भी वे मुंडन कराने, खून से पत्र लिखने और ज्ञापन सौंपने जैसे तरीकों से सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींच चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली है।
21 अगस्त की रात से भूख हड़ताल
धरने में शामिल अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत 21 अगस्त की रात 12 बजे से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने को लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक वह अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे।
अभ्यर्थियों ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा है कि नौकरी की लड़ाई अब केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की लड़ाई बन चुकी है। इसी वजह से प्रदर्शनकारियों ने 'नौकरी दे दो या मौत' जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया है।
अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं—

'सरकारी स्कूलों में हजारों पद खाली'
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं, इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में अपेक्षाकृत कम पद रखे गए हैं। उनका कहना है कि यदि रिक्त पदों को भर्ती में शामिल किया जाए तो बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार मिल सकता है।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक नीलम पार्क में उनका धरना जारी रहेगा। फिलहाल तीन दिन से चल रहे इस प्रदर्शन के कारण शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।

