इंदौर जल त्रासदी के बाद एक्शन में सरकार, भोपाल में 2 हजार पानी के सैंपल की जांच

इंदौर की घटना के बाद राज्य सरकार अलर्ट है और भोपाल समेत पूरे प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता जांच व शुद्ध पानी की व्यवस्था पर सख्ती से काम किया जा रहा है।

इंदौर जल त्रासदी के बाद एक्शन में सरकार, भोपाल में 2 हजार पानी के सैंपल की जांच

भोपाल:इंदौर में दूषित जल से हुई मौतो के बाद राज्य सरकार एक्शन में हैं.मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के सभी नगरीय निकाय के मेयर,अध्यक्ष और अधिकारियों की बैठक करके शुद्ध पेयजल प्रदाय करने के निर्देश दिए.साथ ही अब जगह जगह पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए सैंपलिंग भी हो रही है.राजधानी भोपाल भी नगर निगम भोपाल द्वारा सैंपलिंग की कार्यवाही की जा रही है. इस दौरान अब तक लगभग 2 हजार सेंपल में से कुछ सेंपल फेल हुए हैं.नगर निगम के अनुसार भोपाल शहर में खानुगाव, ईदगाह के बाजपेयी नगर मल्टी, आदमपुर छावनी में लिए गए पानी के सैम्पल में पानी की गुणवत्ता खराब मिली.

तीन सेंपल फेल हुए- मालती राय मेयर

सूत्रो के अनुसार फैल सेंपल में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बैक्टीरिया मिले हैं.मामले पर भोपाल की मेयर मालती राय मानती है कि तीन सेंपल फेल हुए हैं,, मगर वो सेंपल पेयजल सप्लाई के नहीं थे यह ग्राउंड वाटर यानी बोरिंग के थे सेंपल फेल वाले स्थानों पर जनता से बोरिंग का सीधे पानी पीने से मना किया गया है.साथ ही इन स्थानों पर ट्रीटमेंट के साथ शुद्ध पानी की व्यवस्था करवा रहा है.

शहर के कई जगह पुरानी पाइप लाइन-आलोक शर्मा

 इंदौर घटना के बाद भोपाल सांसद आलोक शर्मा भी मानते हैं कि शहर में कई स्थानों पर पानी की पाइप लाइन वर्षों पुरानी है.और नलियों के अंदर से पीने के पानी की पाइप लाइन जा रही है.जिनसे दूषित जल मिलने का खतरा है.इसके लिए नगर निगम भोपाल को ऐसी पुरानी पाइप लाइन को बदलना चाहिए.पेयजल के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाना चाहिए.ताकि ऐसी घटना को रोका जा सके.इंदौर मामले के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है.साथ ही वाटर ऑडिट की भी मांग की जा रही है.ऐसे में अब राज्य सरकार भी पानी को लेकर लगातार सतर्क है.सरकार का प्रयास हे कि अब प्रदेश में ऐसी कोई घटना फिर न हो