CJP का ऐलान- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे नहीं तो बैठक का मतलब नहीं, जंतर-मंतर पर पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

पेपर लीक मामले में CJP और सरकार के बीच तीसरी बैठक आज, मुआवजे और केस वापसी पर लिखित समझौते की उम्मीद

CJP का ऐलान- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे नहीं तो बैठक का मतलब नहीं, जंतर-मंतर पर पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग दोहराई है। CJP प्रवक्ता Ashutosh Ranka ने कहा कि अगर प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार के साथ बातचीत का कोई औचित्य नहीं है। संगठन और सरकार के बीच शनिवार दोपहर 3:30 बजे तीसरी बैठक होने की संभावना है।

सरकार से लिखित समझौते की मांग

CJP का कहना है कि छात्रों के आत्महत्या करने वाले परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर सरकार से लिखित समझौते की उम्मीद है। हालांकि, संगठन ने साफ किया है कि आंदोलन की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है और इस पर सरकार के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।

जंतर-मंतर पर पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शुक्रवार देर रात कई बैरिकेड्स को वेल्डिंग के जरिए जोड़कर मजबूत किया गया। यह कदम CJP के उस बयान के बाद उठाया गया जिसमें संगठन ने कहा था कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 20 जुलाई जैसा प्रदर्शन दोहराया जाएगा।

बता दें, 20 जुलाई को CJP ने संसद भवन तक मार्च निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था।

NTA अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल

सरकार की ओर से NTA के 47 अधिकारियों को हटाए जाने के फैसले पर भी CJP ने प्रतिक्रिया दी है। Ashutosh Ranka ने कहा कि संगठन यह जांच करेगा कि किन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है और इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है।

वहीं, आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने की जानकारी सामने आई है। उन्हें टाइफाइड होने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारी अब सरकार से ठोस आश्वासन और लिखित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।