गुना। जिले के चांचौड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पेंची गांव में उस समय हालात बिगड़ गए, जब ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। सोमवार को हुई इस हिंसक घटना में एक ASI गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक कॉन्स्टेबल समेत कुल चार पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ ने पहले एक कॉन्स्टेबल को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और बाद में उसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी चारों ओर से हमला कर दिया।
गुमशुदगी युवती से जुड़ी हुई है घटना
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि 28 दिसंबर को दर्ज एक युवती की गुमशुदगी से जुड़ी हुई है। मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की एक युवती मीना समाज के युवक के साथ लापता हो गई थी। बाद में सामने आया कि दोनों ने 1 जनवरी को आपसी सहमति से प्रेम विवाह कर लिया है। सोमवार को इसी मामले को लेकर युवती के परिजन और समाज के लोग बीनागंज चौकी पहुंचे और युवती को परिवार के सुपुर्द करने की मांग करने लगे।
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत युवती के बयान दर्ज किए। युवती बालिग पाई गई और उसने स्पष्ट रूप से युवक के साथ रहने की इच्छा जताई, साथ ही अपनी सुरक्षा की भी मांग की। कानून के अनुसार पुलिस ने युवती को वन स्टॉप सेंटर भेजने का निर्णय लिया। पुलिस के इस फैसले से ग्रामीण और समाज के लोग असंतुष्ट नजर आए और चौकी से लौट गए।
बताया जा रहा है कि पेंची गांव पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर चक्काजाम करने का प्रयास किया। इसके साथ ही युवक के घर में आग लगाने की धमकियां भी दी गईं, जिससे गांव और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर एक कॉन्स्टेबल को मौके पर भेजा गया, लेकिन वहां पहले से मौजूद उग्र भीड़ ने उसे घेर लिया और बंधक बनाकर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।
भीड़ ने पथराव किया, लाठियों से किया हमला
कॉन्स्टेबल के बंधक बनाए जाने की जानकारी मिलते ही चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस और विशेष सशस्त्र बल (SAF) के करीब आधा दर्जन जवान मौके पर पहुंचे। जैसे ही पुलिस टीम गांव में दाखिल हुई, खेतों और घरों की आड़ से छिपी भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया और लाठियों से हमला कर दिया। हमले के दौरान पुलिसकर्मी खुद को बचाने की कोशिश करते रहे।
इस हमले में ASI नवाब सिंह के सिर में गंभीर चोट आई। उन्होंने बताया कि वे बंधक बने सिपाही को बचाने के लिए आगे बढ़े थे, तभी चारों ओर से पत्थर फेंके जाने लगे। सामने से हमलावर दिखाई दे रहे थे, लेकिन पीछे और बगल से हुए हमलों का अंदाजा नहीं लग सका। उन्होंने यह भी बताया कि हमले के दौरान उनकी आंखों में मिर्ची डालने की बात सामने आई है।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा। गांव में भारी पुलिस तैनाती कर दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस ने इस मामले में शासकीय कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों पर हमला, बंधक बनाना, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रखा गया है।