5.34 करोड़ का कॉलेज, लेकिन सड़क नहीं; 3 km कीचड़ में पैदल चलने को मजबूर छात्र-प्रोफेसर
Maihar के नादन कॉलेज तक नहीं बन पाई पक्की सड़क, बारिश में 3 किलोमीटर पैदल सफर करना बना मजबूरी
Maihar। जिले के नादन गांव स्थित शासकीय महाविद्यालय करोड़ों रुपये की लागत से बनने के बावजूद आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। करीब 5 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से बने महाविद्यालय तक पहुंचने के लिए आज तक पक्की सड़क नहीं बनाई गई है। बारिश के मौसम में छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों को करीब 3 किलोमीटर तक कीचड़ भरे कच्चे रास्ते पर पैदल चलकर कॉलेज पहुंचना पड़ता है। कई बार उन्हें जूते-चप्पल हाथ में लेकर सफर तय करना पड़ता है।

सड़क नहीं होने का असर महाविद्यालय में प्रवेश पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले शैक्षणिक सत्र में आठ विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, लेकिन आवागमन की परेशानी के चलते सभी ने अन्य महाविद्यालयों में स्थानांतरण करा लिया। चालू सत्र में अब तक केवल दो विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। महाविद्यालय में 6 प्राध्यापक पदस्थ हैं, जिनमें 3 महिला प्राध्यापक शामिल हैं। सुनसान और कच्चे रास्ते से रोजाना आवागमन के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर भवन तो बना दिया गया, लेकिन सड़क जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका आरोप है कि खराब सड़क का असर केवल शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से महाविद्यालय तक शीघ्र पक्की सड़क बनाने और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
Varsha Shrivastava 
