Operation Money Trap : 2 करोड़ की ठगी वाले गिरोह का पर्दाफाश, 1.73 करोड़ कैश सहित 14 गिरफ्तार
Operation Money Trap : राजगढ़ एसपी के निर्देशन में पुलिस ने करीब 35 दिनों तक लगातार जांच और कार्रवाई की। टीम ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगभग 30 हजार किलोमीटर तक उनका पीछा किया।
Operation Money Trap : मध्य प्रदेश। राजगढ़ पुलिस ने ब्यावरा सिटी थाना क्षेत्र में हुई करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगी गिरोह के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन मनी ट्रैप’ के तहत की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.73 करोड़ रुपये नकद, चार वाहन और 19 एंड्रॉइड मोबाइल बरामद किए हैं। बरामद सामान की कुल कीमत 2.92 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
35 दिन चला ऑपरेशन, 30 हजार किलोमीटर पीछा
राजगढ़ एसपी अमित तोलानी (Rajgarh SP Amit Tolani) के निर्देशन में पुलिस ने करीब 35 दिनों तक लगातार जांच और कार्रवाई की। टीम ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगभग 30 हजार किलोमीटर तक उनका पीछा किया। इस दौरान 3 हजार से ज्यादा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े मिले। इसके बाद पुलिस ने 10 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा।
35 दिन चला ऑपरेशन
राजगढ़ एसपी अमित तोलानी के निर्देशन में पुलिस ने करीब 35 दिनों तक लगातार जांच और कार्रवाई की। टीम ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगभग 30 हजार किलोमीटर तक उनका पीछा किया।
इस दौरान 3 हजार से ज्यादा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े मिले। इसके बाद पुलिस ने 10 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा।
पैसे दोगुने करने का दिया झांसा
जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीड़ित को रकम दोगुनी करने का लालच दिया था। विश्वास जीतने के लिए गिरोह ने फर्जी कंपनी के दस्तावेज और फर्जी ई-मेल का इस्तेमाल किया। आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज भी तैयार किए।
इसके अलावा 4 करोड़ रुपये के RTGS ट्रांजैक्शन का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाया गया। इससे पीड़ित को लगा कि सामने वाला पक्ष आर्थिक रूप से मजबूत और भरोसेमंद है।
भोपाल में लिए 2 करोड़ रुपये कैश
गिरोह ने पूरी योजना के तहत पीड़ित से भोपाल में संपर्क किया। यहां आरोपियों ने उससे 2 करोड़ रुपये नकद लिए। रकम हाथ लगते ही आरोपी वहां से फरार हो गए। इसके बाद ठगी की रकम को अलग-अलग माध्यमों से कई राज्यों में भेज दिया गया। पुलिस की जांच में रकम को छिपाने और आगे पहुंचाने के लिए हवाला और आंगड़िया नेटवर्क के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है।
पश्चिम बंगाल और दिल्ली में भी ठगी
पुलिस जांच में गिरोह की अन्य वारदातों का भी पता चला है। सामने आया कि आरोपियों ने पश्चिम बंगाल और दिल्ली में भी 50-50 लाख रुपये की ठगी की थी। इस तरह गिरोह का नेटवर्क एक से अधिक राज्यों में फैला हुआ था। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर दूसरे मामलों और गिरोह से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।
इंदौर में अगली बड़ी वारदात की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले गिरोह इंदौर में भी बड़ी ठगी की तैयारी कर रहा था। हालांकि, इससे पहले ही पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया। अब जांच एजेंसियां गिरोह के बाकी सदस्यों, उनके संपर्कों और पैसों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान ठगी की अन्य घटनाओं से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।


