PM आवास योजना के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश, APK फाइल डाउनलोड करते ही हैक हुआ WhatsApp; जुन्नारदेव पुलिस ने बचाया युवक

जुन्नारदेव में PM आवास योजना के नाम पर भेजी गई फर्जी APK फाइल डाउनलोड करते ही युवक का WhatsApp प्रभावित हो गया। फाइल उसके कॉन्टैक्ट्स और WhatsApp ग्रुप्स में अपने आप शेयर होने लगी। युवक की सतर्कता और जुन्नारदेव पुलिस की तत्काल कार्रवाई से संभावित साइबर ठगी का बड़ा खतरा टल गया।

PM आवास योजना के नाम पर साइबर ठगी की कोशिश, APK फाइल डाउनलोड करते ही हैक हुआ WhatsApp; जुन्नारदेव पुलिस ने बचाया युवक

छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव। मध्य प्रदेश में सरकारी योजना के नाम पर साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। जुन्नारदेव क्षेत्र में साइबर ठगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के नाम पर एक युवक को निशाना बनाने की कोशिश की। अज्ञात नंबर से भेजी गई एक संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करते ही युवक का WhatsApp प्रभावित हो गया और उसके कॉन्टैक्ट्स तथा ग्रुप्स में वही फाइल अपने आप शेयर होने लगी।

हालांकि, युवक की सतर्कता और जुन्नारदेव पुलिस की तत्काल कार्रवाई के चलते साइबर ठगों की कोशिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया।

PM आवास योजना के नाम पर भेजी फर्जी APK

जानकारी के अनुसार, योगेंद्र सरेयाम के मोबाइल नंबर पर अज्ञात नंबर से PM Awas Yojana के नाम से एक APK फाइल भेजी गई थी। सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी या लाभ मिलने की उम्मीद में युवक ने फाइल डाउनलोड कर ली।

फाइल मोबाइल में इंस्टॉल/एक्टिव होने के बाद उसके WhatsApp अकाउंट में संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो गईं। युवक के संपर्कों और WhatsApp ग्रुप्स में वही APK फाइल स्वतः शेयर होने लगी। इससे आशंका हुई कि मोबाइल में हानिकारक सॉफ्टवेयर सक्रिय हो गया है और साइबर ठग उसके WhatsApp का इस्तेमाल आगे दूसरे लोगों को फंसाने के लिए कर सकते हैं।

युवक ने दिखाई समझदारी, सीधे पहुंचा पुलिस के पास

स्थिति को समझते हुए योगेंद्र सरेयाम ने समय गंवाए बिना जुन्नारदेव थाने पहुंचकर उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे को पूरे मामले की जानकारी दी।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल मोबाइल की जांच की और संदिग्ध APK/वायरस को हटाने की कार्रवाई की। इसके बाद WhatsApp को सुरक्षित करने और उसे दोबारा सामान्य स्थिति में लाने की प्रक्रिया की गई।

समय पर पुलिस तक पहुंचने के कारण संभावित साइबर ठगी और दूसरे लोगों के मोबाइल तक संदिग्ध फाइल पहुंचने का खतरा भी कम हो गया।

सरकारी योजनाओं के नाम पर बढ़ रहा साइबर ठगी का खतरा

साइबर ठग लगातार लोगों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, बैंकिंग सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं के नाम पर फर्जी लिंक और APK फाइल भेजकर निशाना बना रहे हैं।

PM आवास योजना, PM किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की जाती है कि फाइल डाउनलोड करने पर उन्हें योजना से संबंधित जानकारी, आवेदन या लाभ मिलेगा। लेकिन ऐसी फाइलें मोबाइल की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं।

पुलिस की अपील—APK फाइल डाउनलोड करने से पहले रहें सावधान

जुन्नारदेव पुलिस की कार्रवाई से एक बार फिर यह सामने आया है कि साइबर अपराध से बचने में सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है।

पुलिस की सलाह है कि—

  • - अज्ञात नंबर से आई APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
  • - सरकारी योजना के नाम पर आए किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • - WhatsApp पर कोई फाइल परिचित व्यक्ति के नंबर से भी आए तो पहले उसकी पुष्टि करें।
  • - मोबाइल में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत इंटरनेट बंद कर विशेषज्ञ या पुलिस से संपर्क करें।
  • - WhatsApp में Two-Step Verification जरूर सक्रिय रखें।
  • - किसी भी अनजान ऐप को अनावश्यक परमिशन न दें।

जुन्नारदेव पुलिस की सतर्कता और युवक की समय पर की गई शिकायत ने साइबर ठगों की चाल को नाकाम कर दिया। यह मामला लोगों के लिए भी चेतावनी है कि सरकारी योजना का नाम देखकर किसी भी फाइल को आंख बंद करके डाउनलोड करना भारी पड़ सकता है।