Sagar में साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ कैश और ₹30 लाख का सोना बरामद

फर्जी फर्म और Mule Accounts से Online Betting का खेल, Sagar Police ने 6 आरोपियों को पकड़ा

Sagar में साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, ₹2.69 करोड़ कैश और ₹30 लाख का सोना बरामद

Sagar Police ने साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह बेरोजगार और सामान्य लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर फर्जी फर्म बनाता था। इसके बाद निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाकर उनका इस्तेमाल साइबर ठगी और ऑनलाइन बेटिंग से आने वाली रकम के लेन-देन में किया जाता था।

इस कार्रवाई में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से ₹2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपये नकद, करीब ₹30 लाख का सोना, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन, पासबुक, चेकबुक, एटीएम और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

शिकायत से खुला फर्जी फर्म का मामला

मामले की शुरुआत 13 August 2026 को हुई। Rohit Patel ने Makronia थाने में शिकायत की कि उसके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर उसके नाम से फर्जी फर्म बनाई गई है। उसके नाम पर Federal Bank की Makronia शाखा में करंट अकाउंट भी खोला गया था।

पुलिस ने खाते की जांच की तो सामने आया कि "Glamour Enterprises" नाम से फर्म बनाई गई थी। इस खाते में February 2026 से करीब 6 महीने के दौरान लगभग ₹90 लाख का लेन-देन हुआ था। इसके बाद Sagar Police ने बैंक खातों, फर्मों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की।

बेरोजगार लोगों को पैसे का लालच देकर खुलवाते थे खाते

पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार लोगों को कमीशन और पैसे का लालच देते थे। उनके आधार और दूसरे दस्तावेज लेकर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार की जाती थी। इन फर्मों के नाम पर निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे।

बाद में इन खातों का नियंत्रण गिरोह अपने हाथ में ले लेता था। पुलिस के अनुसार, इन Mule Accounts का इस्तेमाल साइबर ठगी और ऑनलाइन बेटिंग से मिली रकम को इधर-उधर भेजने और नकद निकालने के लिए किया जाता था।

Bhopal से चलता था ऑनलाइन बेटिंग का नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि Dharmendra Nahar ने यह काम Amit Vishwakarma से सीखा था। इसके बाद उसने Sonu Dangi, Sarman alias Shubham Raikwar, Vipin Giri और Swarnendra Pandey के साथ मिलकर फर्जी फर्म और बैंक खातों का नेटवर्क तैयार किया।

पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े Rishabh Patel को भी गिरफ्तार किया। उसके पास से बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, Rishabh Bhopal से ऑनलाइन बेटिंग का संचालन करता था और Telegram के जरिए ग्राहकों का नेटवर्क चलाता था।

30 से ज्यादा फर्जी फर्मों का खुलासा

पुलिस ने जांच के दौरान अब तक 30 से अधिक फर्जी फर्मों का पता लगाया है। इनमें Glamour Enterprises, Bhupendra Enterprises, Surya Enterprises, Samriddhi Tour and Travels, Lovely Sweet and Masala Chat Center, Kartik Electronics, Star Enterprises, Rajput Enterprises, Anubhav Traders, Sagar Traders, Sharma Ji Enterprises, Saurabh Enterprises, Makhan Enterprises, Ankesh Enterprises, Tanvik Enterprises, Unique Tour and Travels, Mahakal Traders, Max Traders, Balaji Traders और Jai Mahakal Tour and Travels सहित कई फर्म शामिल हैं।

पुलिस के प्रारंभिक वित्तीय विश्लेषण में इन फर्मों से जुड़े बैंक खातों में ₹5.50 करोड़ से अधिक का लेन-देन सामने आया है। पुलिस अब सभी खातों का विस्तृत वित्तीय और तकनीकी विश्लेषण कर रही है।

6 आरोपी गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी

इस मामले में Dharmendra Nahar, Sonu Dangi, Amit Vishwakarma, Vipin Giri, Swarnendra Pandey और Rishabh Patel को गिरफ्तार किया गया है। वहीं Sarman alias Shubham Raikwar और Rishi Keshav Singh फरार बताए गए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। Amit Vishwakarma और Rishabh Patel को कोर्ट से 8 दिन की पुलिस रिमांड मिली है। पुलिस उनसे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन के बारे में पूछताछ कर रही है।

फर्जी फर्म और बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में

Sagar Police अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्मों के रजिस्ट्रेशन और बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया में किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या आपराधिक संलिप्तता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, ATM, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, OTP या बैंकिंग जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। अपने नाम से फर्म या बैंक खाता खुलवाकर उसका संचालन किसी और को देना भी कानूनी परेशानी में डाल सकता है।