मैहर में वन भूमि पर कब्जे को लेकर बवाल, प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में 60 हेक्टेयर जमीन मुक्त

सतना के मैहर में वन भूमि पर बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित कर कब्जे की कोशिश प्रशासन ने नाकाम कर दी. पथराव में वन रक्षक घायल हुए, एफआईआर दर्ज कर 60 हेक्टेयर जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई.

मैहर में वन भूमि पर कब्जे को लेकर बवाल, प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में 60 हेक्टेयर जमीन मुक्त

सतना। मैहर जिले में वन भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर बुधवार को बड़ा विवाद सामने आया। जुड़वानी बीट के कक्ष क्रमांक 580 में बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित कर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में अतिक्रमण हटाकर प्रतिमा को जब्त कर लिया। इस दौरान वन विभाग की टीम पर पथराव भी हुआ, जिसमें एक वन रक्षक घायल हो गया, जबकि जेसीबी में तोड़फोड़ और चालक से मारपीट की गई।

वन विभाग के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया कि प्रतिमा स्थापित करने के लिए नियमानुसार शासन से अनुमति और स्थान की मांग की जा सकती है. इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और हालात तनावपूर्ण हो गए. आरोप है कि अतिक्रमणकारियों ने वन अमले पर पथराव किया, जिससे वन रक्षक वर्षा वर्मा घायल हो गईं. जेसीबी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया और चालक के साथ मारपीट की गई.

घटना की जानकारी मिलते ही डीएफओ मैहर ने जिला प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा. इसके बाद एसडीएम दिव्या पटेल और सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची. सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई करते हुए वन भूमि से अतिक्रमण हटाया गया और प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया.

डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा ने बताया कि वन विभाग की टीम और जेसीबी चालक का मेडिकल कराया गया है तथा पूरे मामले में बदेरा थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर वन अपराध में शामिल लोगों और ऐसे कृत्य को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

वन विभाग का कहना है कि इसी स्थान पर प्रतिमा की आड़ में वन भूमि पर कब्जे की कोशिश पहले भी की जा चुकी थी. विभाग ने बताया कि 2 जुलाई को भी यहां से प्रतिमा हटाकर दो लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था. इसके बावजूद दोबारा कब्जे का प्रयास किया गया.

संयुक्त कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने करीब 60 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, हालांकि एहतियात के तौर पर प्रशासन की निगरानी जारी है.