विंध्यनगर-तेलगवां-मटवई मार्ग पर जलभराव से बढ़ी परेशानी, एनटीपीसी ने कहा- स्थायी समाधान पर चल रहा काम
सिंगरौली के विंध्यनगर-तेलगवां-मटवई मार्ग पर बारिश के बाद जलभराव से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। एनटीपीसी ने सड़क के स्थायी समाधान के लिए नए डिजाइन पर काम शुरू होने की जानकारी दी है।
सिंगरौली। एशिया की प्रमुख ताप विद्युत परियोजनाओं में शामिल एनटीपीसी विंध्याचल से जुड़े प्रमुख मार्गों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। बारिश के बाद विंध्यनगर-तेलगवां-मटवई मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है, जिससे हजारों स्थानीय लोगों, कर्मचारियों और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे क्रॉसिंग से शक्तिनगर बायपास होते हुए मटवई की ओर जाने वाले मार्ग और आरटीओ बैरियर से रेलवे क्रॉसिंग तक सड़क पर कई स्थानों पर पानी भर गया है। हालात ऐसे हैं कि सड़क और गहरे गड्ढों के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में भी जलभराव के कारण वाहनों को मुश्किल से गुजरते देखा जा सकता है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देने से वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। वहीं भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क की स्थिति और खराब होती जा रही है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
हर बारिश में बनती है यही स्थिति
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल यही हालात बनते हैं। कई बार सड़क की मरम्मत और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। लोगों का आरोप है कि अस्थायी मरम्मत के कारण हर मानसून में सड़क फिर से खराब हो जाती है।
एनटीपीसी ने दिया स्थायी समाधान का भरोसा
एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी शंकर सुब्रमण्यम ने बताया कि प्रबंधन को इस समस्या की पूरी जानकारी है और इसके स्थायी समाधान पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क का नया डिजाइन तैयार किया जा रहा है, जिससे बारिश का पानी सड़क पर जमा नहीं होगा और भारी वाहनों की आवाजाही के बावजूद सड़क लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी।
लोगों ने की जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ प्रभावी जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि कर्मचारियों, मजदूरों और आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन मिल सके। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
Anubhav Dubey 
