उज्जैन में किसानों का विरोध प्रदर्शन: हाईवे जाम, यात्रियों को भारी परेशानी

उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर किसानों ने किया चक्काजाम। हाईवे पर लगी वाहनों की लंबी कतारें। यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

उज्जैन में किसानों का विरोध प्रदर्शन: हाईवे जाम, यात्रियों को भारी परेशानी

उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर मंगलवार को भारतीय किसान संघ से जुड़े सैकड़ों किसानों ने चक्काजाम कर दिया। यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे शुरू हुआ और लगभग दो घंटे तक चला, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्लॉट बुकिंग और सत्यापन समस्या को लेकर विरोध

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि पंजीयन सत्यापन में देरी, स्लॉट बुकिंग में कठिनाई और घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने जैसी समस्याओं के कारण उन्हें लगातार परेशान होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कई शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें सड़क पर प्रदर्शन करना पड़ा। घट्टिया क्षेत्र के निपानिया गोयल गांव सहित आसपास के कई गांवों—नजरपुर, निपानिया, जैथल, पिपलिया हरजी और घोंसला—के किसान इस आंदोलन में शामिल हुए।

किसानों का अधिकारियों पर नाराजगी

किसानों का गुस्सा विशेष रूप से जिला आपूर्ति अधिकारी शालू वर्मा के खिलाफ देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें उज्जैन से हटाने की मांग की। इसके अलावा महिदपुर की फूड अधिकारी सुरभि जैन पर भी किसानों ने आरोप लगाए कि उनकी कार्यप्रणाली के कारण सत्यापन और पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसानों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।

2 घंटे तक ठप रहा हाईवे, प्रशासन की कोशिशें नाकाम

दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन लगभग 2 बजे तक चला, जिससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। भीषण गर्मी में बसों और अन्य वाहनों में बैठे यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। मौके पर एसडीएम राजाराम करकरे, डीएसपी भारत सिंह यादव, थाना प्रभारी करण खोवाल और तहसीलदार आदर्श शर्मा पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे जिले में आंदोलन और तेज किया जाएगा।