कांवड़ यात्रा में फिसली कार्तिकेय की जुबान, सियासी विरासत को लेकर भी उठे सवाल
बुधनी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान इन दिनों बुधनी विधानसभा क्षेत्र में निकाली गई कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा में हैं. यात्रा के दौरान उन्होंने समाज को नशे से दूर रखने और नशामुक्ति का संदेश देने की बात कही. इसी दौरान संकल्पों का जिक्र करते हुए उनकी जुबान फिसल गई. इसके बाद उनका बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया.
कार्तिकेय सिंह चौहान ने यात्रा के दौरान कहा कि नशे की वजह से हमारी माताएं परेशान रहती हैं. इसके बाद उन्होंने समाज में जागरूकता फैलाने और नशे के खिलाफ धार्मिक अभियान चलाने की बात कही. हालांकि, एक जगह उनके मुंह से ‘नशामुक्ति के खिलाफ अभियान’ निकल गया. बयान के संदर्भ से माना जा रहा है कि वह ‘नशे के खिलाफ अभियान’ की बात कहना चाह रहे थे.
कांवड़ यात्रा में कार्तिकेय पर रहा फोकस
बुधनी विधानसभा क्षेत्र में निकाली गई कांवड़ यात्रा के दौरान कार्तिकेय सिंह चौहान की सक्रियता खास तौर पर नजर आई. यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर वे लोगों से संवाद करते, पूजा-अर्चना में शामिल होते और धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेते दिखाई दिए. यात्रा के दौरान उनके फोटो और वीडियो भी बनाए गए. सोशल मीडिया पर यात्रा से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद कार्तिकेय की सार्वजनिक सक्रियता को लेकर चर्चा और तेज हो गई.

धार्मिक यात्रा के साथ सियासी चर्चा भी तेज
कार्तिकेय सिंह चौहान की इस सक्रियता को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि क्या धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के जरिए वे अपनी सार्वजनिक पहचान को मजबूत कर रहे हैं? दरअसल, उनके पिता शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक मुख्यमंत्री की भूमिका में रहे हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में केंद्रीय कृषि मंत्री हैं. ऐसे में कार्तिकेय की लगातार बढ़ती सार्वजनिक सक्रियता को उनके पिता की राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है.
हालांकि, कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है कि वे सक्रिय राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे हैं. इसलिए उनकी कांवड़ यात्रा को फिलहाल धार्मिक और सामाजिक गतिविधि के तौर पर ही देखा जा सकता है.
क्या पिता की राजनीतिक विरासत संभालेंगे कार्तिकेय?
कांवड़ यात्रा के दौरान हुई जुबान की फिसलन ने जहां कार्तिकेय सिंह चौहान को चर्चा में ला दिया, वहीं यात्रा में उनकी सक्रिय मौजूदगी ने एक बड़ा राजनीतिक सवाल भी खड़ा कर दिया है. क्या कार्तिकेय आने वाले समय में शिवराज सिंह चौहान की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे? फिलहाल इसका जवाब साफ नहीं है. लेकिन बुधनी में उनकी बढ़ती सार्वजनिक सक्रियता और लोगों के बीच लगातार मौजूदगी ने इस सवाल को राजनीतिक चर्चाओं में जरूर जगह दे दी है.

