Ram Rahim Parole : राम रहीम को फिर 21 दिन की पैरोल, सात साल में 17वीं बार आया जेल से बाहर
Ram Rahim Parole : राम रहीम मंगलवार रोहतक की सुनारिया जेल से सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम के लिए रवाना हो गया।
Ram Rahim Parole : नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 21 दिन की अस्थायी रिहाई मिली है। मंगलवार, 25 अगस्त की सुबह करीब 6:05 बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। इसके बाद वह सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने काफिले के साथ सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम के लिए रवाना हुआ। वह अपनी रिहाई की अवधि सिरसा डेरा में बिताएगा। यह उसकी जेल से पैरोल या फरलो पर 17वीं अस्थायी रिहाई है।
2026 में तीसरी बार जेल से बाहर
राम रहीम इस साल जनवरी में 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसके बाद मई में उसे 30 दिन की पैरोल मिली थी। अब अगस्त में 21 दिन की फरलो मिली है। यानी 2026 में यह उसकी तीसरी अस्थायी रिहाई है। वह पिछली 30 दिन की पैरोल पूरी करने के बाद 26 जून को सुनारिया जेल वापस पहुंचा था। करीब दो महीने बाद वह फिर जेल से बाहर आया है।
VIDEO | Rohtak, Haryana: Dera Sacha Sauda chief Gurmeet Ram Rahim Singh, serving a 20-year jail term for raping two of his disciples, has been granted a 21-day furlough. Visuals of him leaving from Sunaria jail. #GurmeetRamRahim #DeraSachaSauda #HaryanaNews
— Press Trust of India (@PTI_News) August 25, 2026
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दो साध्वियों के दुष्कर्म मामले में 20 साल की सजा
गुरमीत राम रहीम को 2017 में दो महिला अनुयायियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। विशेष CBI अदालत ने उसे दो मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई थी, जो लगातार चलनी थी। इस तरह उसे कुल 20 साल की सजा हुई।
वह अगस्त 2017 से सुनारिया जेल में बंद है। राम रहीम को पूर्व डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामलों में भी दोषी ठहराया गया था। हालांकि, बाद में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन दोनों हत्या मामलों में उसे बरी कर दिया।
बार-बार रिहाई पर उठते रहे हैं सवाल
राम रहीम को लगातार पैरोल और फरलो मिलने पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इस बार भी उसकी रिहाई चर्चा में है। उसके सिरसा आश्रम पहुंचने के दौरान समर्थकों की भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासन उसकी अस्थायी रिहाई की शर्तों के पालन पर नजर रखेगा। हाई-प्रोफाइल कैदी को बार-बार अस्थायी रिहाई मिलने को लेकर पहले भी सार्वजनिक बहस होती रही है।
विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा ने उठाए सवाल
होशियारपुर से विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा ने राम रहीम को मिली पैरोल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे सामान्य प्रक्रिया से अलग बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पैरोल नहीं मिलनी चाहिए। जिंपा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक जरूरतों और वोट बैंक की वजह से सरकारें ऐसे लोगों को अस्थायी रिहाई देती हैं।
उन्होंने इस तरह की पैरोल का विरोध करने की बात कही और चीफ जस्टिस से कानून के अनुसार मामले को देखने की अपील की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी मामले में संज्ञान लेने की मांग की।
2020 में पहली अस्थायी रिहाई
राम रहीम को 2020 से अस्थायी रिहाई मिलती रही है। अक्टूबर 2020 में उसे एक दिन की पैरोल मिली थी। इसके बाद मई 2021 में भी एक दिन की पैरोल दी गई। फरवरी 2022 में उसे 21 दिन की फरलो मिली। जून 2022 में 30 दिन और अक्टूबर 2022 में 40 दिन की पैरोल मिली। इसके बाद उसकी अस्थायी रिहाई का सिलसिला लगातार जारी रहा।
2023 में तीन बार मिली अस्थायी रिहाई
जनवरी में उसे 40 दिन की पैरोल मिली।
जुलाई में 30 दिन की पैरोल दी गई।
नवंबर में उसे 21 दिन की अस्थायी रिहाई मिली।
2024 में भी तीन बार जेल से बाहर आया
2024 में जनवरी में राम रहीम को 50 दिन की पैरोल मिली थी।
अगस्त में उसे 21 दिन की फरलो दी गई।
अक्टूबर में 20 दिन की पैरोल मिली।
2025 में जनवरी, अप्रैल और अगस्त में रिहाई
2025 में जनवरी में राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिली।
अप्रैल में उसे 21 दिन की फरलो दी गई।
इसके बाद अगस्त में 40 दिन की पैरोल मिली।
17वीं रिहाई ने फिर रिहाई
जनवरी 2026 में राम रहीम को 40 दिन की पेरोल मंजूर की गई।
इसके बाद मई 2026 में 30 दिन की पेरोल मिली।
25 अगस्त 2026 को 21 दिन के लिए फरलो पर 17वीं बार बाहर आया।

