1 अप्रैल से बिजली और प्रॉपर्टी हुई महंगी

1 अप्रैल से बिजली और प्रॉपर्टी हुई महंगी, रेलवे और आयकर से जुड़े नियम में भी बदलाव

1 अप्रैल से बिजली और प्रॉपर्टी हुई महंगी

01 अप्रैल से आम आदमी की जिंदगी में कई बड़े बदलाव हो गए हैं। बिजली के बिल से लेकर रेलवे रिजर्वेशन तक के नियम भी नए हो गए हैं। ये सब बदलाव एक साथ लागू हुए हैं। पूरे मध्यप्रदेश के लोगों पर इनका सीधा असर पड़ेगा।

बिजली बिल में 5% की बढ़ोतरी

मध्यप्रदेश में बिजली की नई दरें 01 अप्रैल से लागू हो गई हैं। औसतन 5% की वृद्धि होगी, लेकिन अलग-अलग स्लैब पर असर अलग-अलग होगा। जो घर 200 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं, उनका बिल करीब 80 रुपए तक बढ़ सकता है। और जो 400 यूनिट तक खर्च करते हैं, उनका बिल 150 रुपए तक ज्यादा आ सकता है।

खास बात यह है कि 200 यूनिट तक की खपत पर टैरिफ के साथ फ्यूल सरचार्ज भी जोड़ा जा रहा है। इससे कुल बिल पर असर और गहरा होगा। 400 यूनिट से ज्यादा खपत वालों के लिए 150 रुपए से अधिक की बढ़ोतरी संभव है।

प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा

यदि आप मकान, जमीन या दुकान खरीदने का सोच रहे हैं तो अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। कलेक्टर गाइडलाइन में 12% की वृद्धि की गई है। इसका मतलब है कि रजिस्ट्री के समय जो बाजार मूल्य तय होता है वह अब 12% ज्यादा होगा। रजिस्ट्री पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क भी इसी बढ़े हुए मूल्य पर लगेंगे। भोपाल में पहले से ही संपत्ति की कीमतें ऊंची हैं। अब इस वृद्धि के बाद खरीदारों पर और दबाव बढ़ेगा।

कचरे पर अब सख्त नियम

शहरी इलाकों में कचरा प्रबंधन को लेकर भी बड़ा बदलाव हुआ है। नए नियमों के तहत कचरे को चार तरह से अलग-अलग करना जरूरी होगा। गीला, सूखा, जहरीला और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को अलग-अलग रखना होगा। ऐसा न करने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल और बड़े बाजार जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर खास नजर रहेगी। उन्हें खुद अपना कचरा निपटाने की व्यवस्था करनी होगी।

रेलवे रिजर्वेशन के नए नियम

रेलवे में भी 01 अप्रैल से कैंसिलेशन और रिफंड के नियम बदल चुके हैं। यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तभी रिफंड मिलेगा पहले इसका समय 4 घंटे का था।  इसके अलावा वेटिंग टिकट के नियमों में भी बदलाव होने की बात कही जा रही है।

वित्तीय कानून में भी बड़ा बदलाव

वित्तीय कानून में भी नया साल नई शुरुआत लेकर आया है।। अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरु होता है और इस बार इसमें कई बदलाव लागू हो गए हैं। नई कर व्यवस्था में 100% तक की छूट मिल सकती है, लेकिन इसके लिए शर्तें पूरी करनी होंगी। असेसमेंट ईयर  2025-26 के लिए रिटर्न भरने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। करदाताओं के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं।

1 अप्रैल से होने वाले ये बदलाव हर वर्ग के नागरिक को प्रभावित कर सकते हैं। चाहे गृहस्थ हो, व्यापारी हो, किसान हो या नौकरीपेशा। बिजली की बढ़ी दरें सीधे घरेलू बजट पर असर डालेंगी। खासकर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर। कलेक्टर गाइडलाइन (कलेक्टर गाइडलाइन रेट) में 12% वृद्धि से संपत्ति के मालिकाना हक से जुड़े नागरिकों के अधिकारों और खर्च पर असर होगा।

कचरा प्रबंधन के नियम पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों से जुड़े हैं। रेलवे रिजर्वेशन और आयकर नियम रोजमर्रा की यात्रा और आर्थिक जीवन से सीधे जुड़े हैं।

31 मार्च तक टैक्स न भरने पर क्या होगा?

31 मार्च पुराने बकाया टैक्स जमा करने का आखिरी दिन था। जमा करने पर 100% जुर्माने की छूट थी। 1 अप्रैल से यह छूट खत्म हो गई है। अब बकाया टैक्स पर ब्याज और भारी जुर्माना दोनों लगेंगे।