भोपाल में साइबर ठगों ने कारोबारी से उड़ाए 5.5 लाख रुपए, विद्युतकर्मी बनकर किया पहला धोखा

भोपाल में कारोबारी के साथ ठगी। पहले विद्युतकर्मी, फिर बैंक कर्मचारी बनकर खाते से उड़ाए 5.5 लाख रुपए।

भोपाल में साइबर ठगों ने कारोबारी से उड़ाए 5.5 लाख रुपए, विद्युतकर्मी बनकर किया पहला धोखा

भोपाल। साइबर जालसाजों ने एक कारोबारी अनूप जैन (38) से लगभग 5.5 लाख रुपए की ठगी की। अनूप जैन इब्राहीमगंज के रहने वाले हैं और अशोका गार्डन में बिल्डिंग मटेरियल की दुकान संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि 21 मार्च को उन्हें व्हाट्सऐप कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को विद्युतकर्मी बताया। कॉल करने वाले ने चेतावनी दी कि उनके बिल का भुगतान नहीं होने की वजह से बिजली कनेक्शन एक घंटे में काट दिया जाएगा।

कॉल करने वाले ने अनूप के पिता का नाम भी बताया, क्योंकि मीटर उनके नाम पर है। इससे अनूप को विश्वास हो गया कि कॉल वास्तविक विद्युत विभाग की ओर से है। आरोपियों ने उनसे एक ऐप डाउनलोड करने को कहा और ऑनलाइन भुगतान के लिए कहा। जैसे ही ऐप इंस्टॉल हुआ, उनके मोबाइल का नियंत्रण जालसाजों के पास चला गया। इसके तुरंत बाद उनके क्रेडिट कार्ड से लगभग 51 हजार रुपए कट गए और ऑनलाइन शॉपिंग कर ली गई।

बैंक कर्मचारी बनकर दूसरा छल

पहले ट्रांजेक्शन के बाद जालसाजों ने एक अन्य नंबर से कॉल किया और खुद को बैंक कर्मचारी बताया। उन्होंने अनूप से कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड का लगातार अनधिकृत उपयोग हो रहा है। अनूप ने कार्ड ब्लॉक करने की रिक्वेस्ट की, लेकिन जालसाज ने प्रक्रिया पूरी करने के बहाने एक APK फाइल भेजी।

इस दौरान अनूप से उनके बैंक खाते के नंबर भी मांगे गए। जैसे ही उन्होंने जानकारी साझा की और फाइल पर क्लिक किया, उनके अलग-अलग खातों से तीन बार में कुल पांच लाख रुपए से अधिक की राशि निकाल ली गई। इस तरह कुल मिलाकर अनूप जैन से 5.5 लाख रुपए की ठगी हुई।

पुलिस में शिकायत और जांच

अनूप जैन ने ठगी की शिकायत अशोका गार्डन थाना और स्टेट साइबर पुलिस कार्यालय में दर्ज कराई। पुलिस ने फरियादी को भरोसा दिलाया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए पूरी जांच की जाएगी और जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें फ्रीज कर दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अज्ञात ऐप को इंस्टॉल न करें और बैंक या सरकारी कॉल हमेशा आधिकारिक चैनल से सत्यापित करें। क्रेडिट कार्ड और बैंक विवरण कभी फोन या व्हाट्सऐप पर साझा न करें। संदिग्ध लेन-देन होते ही बैंक से संपर्क करना चाहिए।