भोपाल नगर निगम बैठक में हंगामा: गोमांस के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष-महापौर में नोंक झोंक
प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने गोमांस और स्लॉटर हाउस का मुद्दा उठाया। आदमपुर लैंडफिल टेंडर का मुद्दा खारिज, कमिश्नर लेंगे फैसला।



MIC मेंबर रविंद्र यति ने निगम अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
सदन में MIC मेंबर रविंद्र यति ने निगम के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। रविंद्र यति ने कहा कि निगम के अधिकारी-कर्मचारी तय एजेंडा और MIC के निर्णय में छेड़छाड़ और फेरबदल करते हैं। एजेंडा में कुछ और लिखा रहता है, MIC के निर्णय में कुछ और लिखा रहता है। डॉक्यूमेंट में फेर बदल किया जा रहा है, MIC निर्णय कुछ और लेती है और डॉक्यूमेंट में प्रिंट कुछ और किया जाता है। आदमपुर खंती के एजेंडा के प्रस्ताव में MIC के निर्णय के उलट फेरबदल किया गया है।
जनप्रतिनिधियों को चौराहे का नेता बना दिया है और बाकी निर्णय खुद ले रहे हैं। जब मामला फंस जाते हैं तो MIC और परिषद पर डाल देते हैं। अधिकारीयों- कर्मचारियों की हरकतों की वजह से ही वित्त विभाग में लोकायुक्त का छापा पड़ा है। एमआईसी मेंबर ने MIC के निर्णय में डॉक्यूमेंट से फिर बदल करने वाले कर्मचारी और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की, जिस पर निगम अध्यक्ष ने आयुक्त को जांच के आदेश दिए।

सदन में एजेंडे पर भी चर्चा हुई कि आदमपुर छावनी में कचरा निष्पादन का टेंडर दिया जाए या नहीं। ये बैठक का प्रमुख एजेंडा, जिस पर सदन में चर्चा की गई। NHAI के द्वारा कचरे को सड़क का बेस बनाने की खबर के बाद टेंडर नहीं देने पर जोर दिया गया और कहा गया कि टेंडर जारी हो या नहीं, इसका फैसला आयुक्त पर छोड़ा जाए। महापौर मालती राय ने भी मामले में समर्थन किया औक अफसरों की गलती बताई, साथ ही कहा जिसने MIC प्रस्ताव में ऐसा किया उसे सामने किया जाना चाहिए।
निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने इस पर जवाब दिया कि आदमपुर खंती में शहर का कचरा है। सड़क निर्माण में ऐसे कचरा प्रयोग किया जाएगा, जिसका पूर्ण रूप से नष्ट नहीं किया जा सकता। जितना भी कचरा है इसका निष्पादन होगा, उसके बाद ही टेंडर कंप्लीट माना जाएगा। टेंडर में 330 दिन का समय दिया गया है। जैसे-जैसे जमीन खाली होगी, वैसे-वैसे भुगतान किया जाएगा। 55 करोड़ की राशि से कचरा में उत्पादन का काम किया जाना है। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने जल्द से जल्द कचरा निष्पादन के लिए निर्देश दिए हैं। आदमपुर खंती हमारे शहर ने ही बनाई है तो साफ करने की भी जिम्मेदारी हम सभी की है।

लिगेसी वेस्ट के प्रस्ताव पर मीटिंग में हंगामे की स्थिति बन गई। जब प्रस्ताव आया तो किसी ने भी इस पर सहमति नहीं जताई। इस पर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कमिश्नर से पूरे प्रोजेक्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। करीब 7 मिनट तक कमिश्नर ने पूरा प्रस्ताव रखा। इस पर बीजेपी पार्षद नीरज सिंह ने कई सवालों पर कमिश्नर को घेर लिया।
इसी बीच एमआईसी मेंबर रविंद्र यति ने एमआईसी के एजेंडे को बदलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किस 420 नटवरलाल ने प्रस्ताव ही बदल दिया है। हमने परिषद की बैठक में प्रस्ताव लाने की बात कही थी, अनुशंसा नहीं की थी।
लेगसी वेस्ट को लेकर परिषद की बैठक में बवाल हो गया। बीजेपी के पार्षदों ने सदन में अधिकारियों की तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी के नारे लगाए। मामले में महापौर ने कहा- जिसने एजेंडा को टाइप करवाया है उसको सामने खड़ा किया जाए। एजेंडा में लिखा है कि MIC ने टेंडर करने के प्रस्ताव की अनुशंसा की और संकल्प लिया, जबकि ऐसा निर्णय MIC ने लिया ही नहीं।
MIC ने प्रस्ताव को परिषद की बैठक में लाने का निर्णय लिया था। इसके बाद मामले में निर्णय लेने निगम अध्यक्ष ने आयुक्त को अधिकृत किया। आयुक्त ने जवाब दिया- इस प्रस्ताव को पुनर्विचार के लिए भेजा जाएगा। MIC के निर्णय के विरुद्ध एजेंडा में लाना नियम के खिलाफ है इसलिए इसे पुनर्विचार के लिए भेजा जाएगा

Varsha Shrivastava 
