तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च में हंगामा, हिरासत में लिए गए तेजस्वी; वाटर कैनन से रोकी गई भीड़

तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD का राजभवन मार्च, पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन। मार्च के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका और तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया।

तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च में हंगामा, हिरासत में लिए गए तेजस्वी; वाटर कैनन से रोकी गई भीड़

 बिहार में छात्रों, युवाओं और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बुधवार को पटना में बड़ा राजभवन मार्च निकाला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकले इस मार्च में बड़ी संख्या में RJD नेता, सांसद, विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए। मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया

क्यों निकाला गया मार्च?

RJD ने यह मार्च मुख्य रूप से बिहार में कथित पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, बेरोजगारी और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में निकाला था। इसके साथ ही सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग का मामला भी मार्च का बड़ा मुद्दा रहा। तेजस्वी यादव ने सरकार से सवाल किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच AK-47 से फायरिंग की नौबत क्यों आई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

जेपी गोलंबर से शुरू हुआ मार्च

RJD का मार्च जेपी गोलंबर से शुरू हुआ। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ राजभवन की ओर बढ़ी। मार्च में तिरंगा और पार्टी के झंडे लेकर कार्यकर्ता शामिल हुए तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। रिपोर्टों के अनुसार करीब 5 किलोमीटर के रास्ते में बड़ी संख्या में समर्थक मार्च के साथ रहे।

बैरिकेडिंग पर पुलिस से टकराव

राजभवन की ओर बढ़ते प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग की थी। डाकबंगला चौराहे के पास प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की।

इसके बाद इनकम टैक्स चौराहे के पास पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस की ओर पानी की बोतलें फेंके जाने की भी खबर सामने आई है। मार्च में कुछ कार्यकर्ताओं के हाथों में AK-47 की प्रतिकृति भी दिखाई दी।

तेजस्वी यादव और मीसा भारती हिरासत में

स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव, RJD सांसद मीसा भारती और पार्टी के अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ मौके पर जुटी रही।

तेजस्वी यादव ने मार्च से पहले और दौरान सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। RJD नेताओं का कहना है कि पार्टी छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है और सीवान की घटना में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

क्या है सीवान का AK-47 मामला?

इस पूरे विवाद की शुरुआत सीवान में छात्रों के प्रदर्शन से हुई थी। छात्र परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद मामला राजनीतिक विवाद बन गया। संबंधित पुलिसकर्मी को बाद में निलंबित किया गया। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि फायरिंग हवाई थी और उसके कारण किसी को गोली नहीं लगी—हालांकि घटना और उसमें घायल हुए लोगों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें सामने आई हैं।

तेजस्वी यादव ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सवाल उठाया है कि AK-47 इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान इतनी बड़ी कार्रवाई की जरूरत क्यों पड़ी। RJD ने इसी मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए राजभवन मार्च का ऐलान किया था।

पेपर लीक और बेरोजगारी भी मुद्दा

RJD ने मार्च को केवल सीवान की घटना तक सीमित नहीं रखा। पार्टी ने बिहार की परीक्षा व्यवस्था, बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के आरोप और युवाओं में बेरोजगारी को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। पार्टी का कहना है कि छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं में लगातार नाराजगी बढ़ रही है और सरकार को इन समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश

राजभवन मार्च के जरिए RJD ने बिहार सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की। पार्टी का कहना है कि छात्रों के सवालों, परीक्षा व्यवस्था और सीवान फायरिंग मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष की ओर से इस तरह के विरोध प्रदर्शनों को राजनीतिक गतिविधि बताया जा रहा है।