ब्याज वसूली के विवाद में की बुजुर्ग की हत्या : सगे भाईयों ने मामा के साथ मिलकर दिया था वारदात को अंजाम, तीनों भेजे जेल
Satna Murder Case : जांच में पाया गया कि मृतक की हत्या दो से तीन दिन पहले की गई है। मृतक ब्याज वसूली को लेकर लेनदारों के साथ अभद्र व्यवहार करता था लिहाजा पुलिस ने मृतक से लेनदेन करने वालों का ब्यौरा जुटाकर जांच शुरू की।
Satna Murder Case Solved : सतना। 14 दिन पहले निर्माणाधीन मकान में धारदार हथियार से बुजुर्ग की अंधे क़त्ल का खुलासा पुलिस ने कर दिया। बुजुर्ग की हत्या को ब्याज वसूली को लेकर उपजे विवाद में सगे भाईयों ने अपने मामा के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी मामा और उसके दोनों भांजों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त चाकू, कुल्हाड़ी और लोटा बरामद किया गया है। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्र. 795/26 धारा 103(1) के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना की जा रही है।
दुर्गंध आने पर पड़ोसी ने दी थी सूचना
सिविल लाइन थानान्तर्गत मझगवां भटटा पशुपतिनाथ मंदिर के पास निर्माणाधीन मकान से दुर्गंध आने पर नजदीक ही घर का निर्माण करा रहे बृजेश प्रताप सिंह निवासी हाटी के द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस आई निर्माणाधीन मकान के कमरे के दरवाजे के सिटकिनी बाहर से बंद मिली। सिटकिनी खोल पुलिस मकान के अंदर गई।
अंदर तखत पर वृद्ध की लाश पड़ी मिली। मृतक की पहचान रमाशंकर गर्ग पिता शिव सम्पत गर्ग 65 वर्ष के रूप में हुई। घटना स्थल की जांच एएसपी सिटी गौरव पांडेय (आईपीएस), सीएसपी मनीष त्रिपाठी, फोरेंसिक अधिकारी डॉ.महेन्द्र सिंह एवं सिविल लाइन पुलिस ने किया।
जांच में पाया गया कि मृतक की हत्या दो से तीन दिन पहले की गई है। शुरूआती विवेचना में तथ्य सामने आए कि मृतक ब्याज में पैसा देता था। ब्याज वसूली को लेकर वह लेनदारों के साथ अभद्र व्यवहार करता था लिहाजा पुलिस ने मृतक से लेनदेन करने वालों का ब्यौरा जुटाकर जांच शुरू की।
10 प्रतिशत ब्याज पर दिया था कर्ज
सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मृतक का शव मिलने के बाद उससे जुड़े लोगों की कुुंडलियां खंगाली गईं। तकनीकी साक्ष्य का विश्लेषण किया गया। मुखबिरों की सूचनाओं को जांचा गया, तत्पश्चात संदेह के आधार पर कुछ संदेहियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। जिनसे पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया। मृतक रमाशंकर से अंकित रैकवार ने तकरीबन 2 साल पहले 30 हजार रुपए 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर लिए थे। अंकित के द्वारा अपने भाई सचिन का हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक रमाशंकर को दिया गया था।
ब्याज वसूली के बाद कर दिया केस
मृतक रमाशंकर ने अंकित रैकवार को हर माह मासिक ब्याज वसूली, अंकित के द्वारा मूलधन भी वापस किया जा रहा था। बावजूद इसके रमाशंकर ने अंकित के द्वारा अपने भाई सचिन के दिए गए ब्लैंक चेक को आधार बनाकर कोर्ट में केस लगा दिया। तब सचिन ने अपने भाई अंकित से कहा कि उसने उसका चेक क्योें दिया। सचिन ने भाई को बताया कि वह मूलधन और ब्याज दे चुका है लेकिन रमाशंकर 2 लाख 70 हजार रुपए की मांग कर रहा है।
ब्याज देने के बाद भी वसूली
मृतक रमाशंकर की हत्या के आरोप में सचिन रैकवार पिता सुनील रैकवार 25 वर्ष निवासी मारुति नगर हाल बिहारी मोहल्ला सिविल लाइन और उसके बड़े भाई अंकित रैकवार 28 वर्ष के अलावा उसके मामा नीरज रैकवार पिता देव शरण 36 वर्ष निवासी रगौली थाना कोटर को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी अंकित को मृतक ने 30 हजार रुपए 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर दिए थे लेकिन मूलधन और ब्याज देने के बाद भी मृतक ने अंकित पर 2 लाख 70 हजार रुपए का बकाया निकाल दिया। सचिन और अंकित के मामा नीरज ने 70 हजार रुपए उधार लिए थे जिसका ब्याज और मूलधन का कुछ हिस्सा देने के बाद भी मृतक के द्वारा 4 लाख रुपए की मांग की जा रही थी।
समझौता के दौरान बिगड़ी बात
सीएसपी श्री त्रिपाठी ने बताया कि 15 अक्टूबर की रात सचिन रैकवार अपने बड़े भाई अंकित रैकवार और मामा नीरज रैकवार के साथ मृतक रमाशंकर गर्ग के पशुपति नाथ मंदिर के पास स्थित निर्माणाधीन मकान में रुपए के लेनदेन का समझौता करने गया। तीनों ने मृतक से कहा कि वे नियमित रूप से ब्याज दे चुके हैं, मूलधन देने को तैयार हैं। कोर्ट केस खत्म कर लेनदेन का विवाद बंद किया जाए।
मृतक गर्ग ने ब्याज और मूलधन दिए जाने पर ही कोर्ट में समझौता करने की बात कही तब आरोपी सचिन ने लोटा से उसके सिर पर हमला कर दिया जिससे गर्ग तखत में गिर गए। इसके बाद अंकित और नीरज ने कुल्हाड़ी और चाकू से कई वार किए। हत्या करने के बाद दरवाजे की सिटकिनी बंद कर तीनों फरार हो गए।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक के द्वारा ब्याज की वसूली से तंग आकर आरोपी सचिन अपना पैतृक मकान छोड़कर मारुति नगर में किराए के मकान में रहने लगा था। कार्रवाई में टीआई सिविल लाइन प्रीति विश्वकर्मा, साइबर सेल प्रभारी अजीत सिंह के अलावा अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे।

