रायबरेली में अस्पताल के गेट पर प्रसव, ₹10 हजार मांगने का आरोप; वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

रायबरेली जिला महिला अस्पताल के गेट पर गर्भवती महिला के प्रसव का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है। परिजनों ने प्रसव के लिए 10 से 15 हजार रुपये मांगने और महिला को बाहर टहलाने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए कहा कि महिला बिना बताए बाहर चली गई थी, जहां प्रसव प्रक्रिया शुरू हुई; फिलहाल जच्चा-बच्चा का इलाज जारी है।

रायबरेली में अस्पताल के गेट पर प्रसव, ₹10 हजार मांगने का आरोप; वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में जिला महिला अस्पताल के गेट पर एक गर्भवती महिला के प्रसव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो शनिवार रात करीब 11 बजे सामने आया, जिसमें एक महिला अस्पताल के गेट के बाहर प्रसव पीड़ा से जूझती दिखाई दे रही है। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सुबह अस्पताल में भर्ती हुई थी महिला

परिजनों के मुताबिक, सलोन निवासी गर्भवती प्रतिभा को शनिवार सुबह करीब 11 बजे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला को उसके दिव्यांग पति ने अस्पताल पहुंचाया था। परिजनों का कहना है कि महिला को धीरे-धीरे प्रसव पीड़ा हो रही थी। परिवार का आरोप है कि इस दौरान डॉक्टरों ने महिला को कई बार इंजेक्शन दिए और यह कहते हुए बाहर टहलने के लिए कहा कि अभी प्रसव में समय है।

पहले 10 हजार, फिर 15 हजार मांगने का आरोप

परिजनों ने अस्पताल कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रसव कराने के लिए उनसे पहले 10 हजार रुपए मांगे गए और बाद में यह रकम बढ़ाकर 15 हजार रुपए कर दी गई। परिजनों का कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वे पैसे नहीं दे सके। आरोप है कि इसके बाद महिला को लगातार टाला जाता रहा और उसे अस्पताल के बाहर टहलने के लिए कहा गया।

अस्पताल के गेट के सामने हुआ प्रसव

परिजनों के मुताबिक, देर रात महिला की हालत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल परिसर के गेट के सामने ही उसका प्रसव हो गया। इसी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

'योगी जी..सरकारी सिस्टम की आत्मा मर चुकी है' वीडियो रायबरेली की है. जहां एक गर्भवती महिला डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी. महिला ने स्टाॅफ से डिलीवरी के लिए कहा तो 10 हजार की घूस मांगी गई. गर्भवती महिला ने गरीब होने का हवाला दिया तो स्टाॅफ ने धक्के देकर भगा दिया. बेचारी महिला की अस्पताल के गेट पर ही डिलीवरी हो गई.

— Raju Sharma journalist (@RajuSharmajour1) October 4, 2026


वीडियो में प्रसव के बाद महिला अस्पताल के गेट के बाहर दिखाई दे रही है। इसी दौरान अस्पताल के कर्मचारी महिला को अंदर ले जाने के लिए पहुंचते नजर आते हैं।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे पैसे की मांग के बारे में किसी को जानकारी देने से मना किया गया था।

CMS ने आरोपों से अलग बताया पूरा घटनाक्रम

वहीं, अस्पताल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है। जिला महिला अस्पताल की CMS डॉ. निर्मला साहू के मुताबिक, प्रतिभा को उसके दिव्यांग पति ने अस्पताल में भर्ती कराया था। CMS का कहना है कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और बिना बताए अपने बेड से उठकर अस्पताल के बाहर चली गई थी। बाहर पहुंचने के बाद उसकी प्रसव प्रक्रिया शुरू हो गई।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला के बाहर होने की जानकारी मिलते ही कर्मचारी उसे तत्काल अंदर लेकर आए। इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों का इलाज शुरू किया गया।

बच्चे को ICU में भर्ती कराया गया

CMS ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात को ICU में भर्ती कराया गया है, जबकि महिला का भी अस्पताल में इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन ने परिजनों की ओर से लगाए गए रुपए मांगने के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है।

जांच के बाद साफ होगी आरोपों की सच्चाई

फिलहाल इस मामले में परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बयान अलग-अलग हैं। एक तरफ परिवार ने प्रसव के लिए पैसे मांगने और महिला को बाहर टहलाने का आरोप लगाया है ,वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला बिना बताए बेड से बाहर चली गई थी और प्रसव प्रक्रिया गेट के बाहर शुरू हुई। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर महिला अस्पताल के गेट तक कैसे पहुंची और परिजनों द्वारा लगाए गए रुपए मांगने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।