टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की राह मुश्किल, लेकिन चेन्नई की पिच दे सकती है टीम इंडिया को राहत

साउथ अफ्रीका से हार के बाद भारत के लिए जिम्बाब्वे मैच अहम है. जानिए चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम की नई पिच का मिजाज, रिकॉर्ड और मौसम रिपोर्ट

टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की राह मुश्किल, लेकिन चेन्नई की पिच दे सकती है टीम इंडिया को राहत

साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद भारतीय टीम के लिए टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल की राह बेहद कठिन हो गई है. अब टीम इंडिया के लिए बचे हुए दोनों मुकाबले करो या मरो जैसे हैं. आज का मैच जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में खेला जाएगा. ऐसे में इस हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले पिच का मिजाज समझना बेहद जरूरी हो जाता है.

बदल गई चेन्नई की पिच?

चेपॉक की पिच को पारंपरिक तौर पर स्पिनर्स के लिए मुफीद और धीमा माना जाता रहा है. यहां गेंद टर्न करती थी और बल्लेबाजों को रन बनाने में संघर्ष करना पड़ता था. हालांकि, टी20 वर्ल्ड कप से पहले यहां नई पिच तैयार की गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नई पिच पर करीब पांच महीने तक कोई मैच नहीं खेला गया, जिससे सतह ताजा और मजबूत बनी हुई है.

अब हालात पहले जैसे नहीं दिख रहे. नई पिच पर गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आ रही है. चाहे लाल मिट्टी की पिच हो या काली मिट्टी की. अगर पुरानी स्लो पिच होती तो जिम्बाब्वे के ऑलराउंडर सिकंदर रजा और तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को ज्यादा मदद मिल सकती थी, लेकिन मौजूदा हालात बल्लेबाजों के अनुकूल दिख रहे हैं.

इस वर्ल्ड कप में अलग दिखे हालात

चेपॉक में खेले गए मुकाबलों ने सभी को चौंकाया है. अफगानिस्तान  ने न्यूजीलैंड को 182 रन का लक्ष्य दिया. कीवी टीम ने 17.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया. इससे पहले न्यूजीलैंड ने यूएई के खिलाफ 175 रन का लक्ष्य सिर्फ 15.2 ओवर में चेज कर लिया था.  इसी मैदान पर कनाडा के बल्लेबाज युवराज सामरा ने 65 गेंदों में 110 रन की विस्फोटक पारी खेली थी. 

रात के मैच और ओस का फैक्टर

अब तक यहां खेले गए दो नाइट मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को जीत मिली है.  अमेरिका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने 197 और 199 रन के स्कोर सफलतापूर्वक डिफेंड किए. सबसे अहम बात यह है कि ओस का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला. न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा कि पिच आखिर में काफी फ्लैट हो गई थी. वहीं तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन ने इसे एक्सेप्शनल बताया और माना कि यहां पेसर्स को भी मदद मिली. 

टीम इंडिया के लिए क्यों अच्छी खबर?

भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम के अन्य आक्रामक बल्लेबाज अब तक स्लो पिचों पर संघर्ष करते नजर आए हैं. लेकिन चेन्नई की नई सतह बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका दे सकती है. अगर पिच इसी तरह बल्लेबाजी के अनुकूल रही तो भारतीय फैंस को आखिरकार वो “हिटिंग शो” देखने को मिल सकता है, जिसकी वजह से यह टीम विरोधियों के लिए खौफ का दूसरा नाम बनी हुई है. 

मौसम का हाल

चेन्नई में मौसम भी मैच के अनुकूल रहने वाला है। बारिश की संभावना नहीं है. दिन का तापमान करीब 32°C,  शाम के समय लगभग 27°C, यानी मौसम भी बल्लेबाजों के लिए मददगार साबित हो सकता है. 

क्या कहता है पिच का मिजाज?

नई पिच, पांच महीने से अनयूज्ड, गेंद बल्ले पर आ रही है. हाई स्कोरिंग मुकाबले. ओस का सीमित असर. पेसर्स और बल्लेबाज दोनों को मदद. अब देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया इस सुनहरे मौके का फायदा उठा पाती है या नहीं.