MP में बिजली की दरें 4.80% बढ़ी, 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे नए रेट
यह फैसला राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी नए टैरिफ आदेश के तहत लिया गया है।
मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। राज्य में 1 अप्रैल 2026 से बिजली दरों में औसतन 4.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की जाएगी। यह फैसला राज्य विद्युत नियामक आयोग (MPERC) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी नए टैरिफ आदेश के तहत लिया गया है। हालांकि, बिजली कंपनियों ने करीब 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन आयोग ने उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सीमित वृद्धि को ही मंजूरी दी है।
नए टैरिफ के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पहले की तरह स्लैब प्रणाली जारी रहेगी, जिसमें कम खपत पर कम और अधिक खपत पर ज्यादा दर से बिल लिया जाएगा। वहीं, गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं। कृषि उपभोक्ताओं को भी चरणबद्ध दरों के आधार पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
इस बार लो टेंशन (LT) उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि न्यूनतम शुल्क को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का मीटरिंग चार्ज नहीं लगाया जाएगा, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। EV चार्जिंग स्टेशनों पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग करने पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी, जबकि अन्य समय में 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
बिजली कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत, स्मार्ट मीटर पर खर्च और बिजली खरीद की महंगी दरों के कारण यह बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी। प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियां फिलहाल हजारों करोड़ रुपए के घाटे में चल रही हैं। वहीं, इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया है। अब उपभोक्ताओं को नए बिल के साथ इस बढ़ोतरी का सीधा असर देखने को मिलेगा और उन्हें अपनी बिजली खपत और बजट में संतुलन बनाना होगा।
Varsha Shrivastava 
