जमीन विवाद में उतरे विधायक प्रदीप पटेल, विधायक के खिलाफ रातभर चला प्रदर्शन
मध्यप्रदेश के मऊगंज में जमीन विवाद के दौरान विधायक प्रदीप पटेल के धरने पर बैठने से हालात बिगड़ गए और उनके खिलाफ रातभर प्रदर्शन हुआ।
मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में 3 जनवरी की रात मऊगंज के विधायक प्रदीप पटेल धरने पर बैठ गए। इसके बाद भीड़ ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी की और धक्का-मुक्की करने लगी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने विधायक प्रदीप पटेल को वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन पूरी रात विधायक के खिलाफ प्रदर्शन चलता रहा।

क्यों हुआ प्रदर्शन?
दरअसल, 3 जनवरी को मऊगंज के बरांव मोड़ पर लल्लू पांडेय और विनोद खोडबानी के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष आपस में बातचीत कर रहे थे, इसी दौरान विधायक प्रदीप पटेल की मौके पर एंट्री हुई। आरोप है कि विधायक विवादित जमीन के पक्षकार विनोद खोडबानी के पक्ष में धरने पर बैठ गए, जिससे दूसरा पक्ष भड़क उठा। धरना शुरू होते ही सैकड़ों लोग जमा हो गए और विधायक के खिलाफ “मुर्दाबाद” के नारे लगने लगे।

विधायक पर लगे गंभीर आरोप
हालात तब और बिगड़ गए जब पुलिस कथित एक पक्षकार को हिरासत में लेने लगी। इसके बाद नेशनल हाईवे-135 पर हंगामा, नारेबाजी और तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इस बीच एक पक्षकार लल्लू पांडेय ने आत्मदाह की चेतावनी तक दे डाली। उन्होंने कहा कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए, इसमें क्षेत्रीय विधायक के आने की क्या जरूरत है। आरोप है कि विधायक के आने से विरोध और बढ़ गया।

वहीं विवादित जमीन के दूसरे पक्ष विनोद खोडबानी ने कहा कि जमीन उनकी पुश्तैनी है और वे पट्टेदार हैं। उनके अनुसार, कब्जे की कोशिश के दौरान उन्हें धमकियां दी गईं, जिसके बाद उन्होंने विधायक को फोन कर सूचना दी थी। विधायक ने मौके पर पहुंचकर शांति बनाए रखने की बात कही।

विधायक ने क्या कहा?
मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे सिर्फ विवाद को शांत कराने पहुंचे थे। दोनों पक्षों के चल रहे जमीनी विवाद का फैसला प्रशासन व न्यायालय करेगा। हालांकि, करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और विधायक को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।


