मऊगंज: गेंहू उपार्जन में अव्यवस्था और अन्य समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने भरी हुंकार
भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम गेहूं उपार्जन में अव्यवस्था सहित 17 सूत्रीय अन्य मांगों का ज्ञापन कलेक्टर मऊगंज को सौंपा।
मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट। भारतीय किसान संघ जिला मऊगंज ने गेहूं उपार्जन में अव्यवस्था सहित 17 सूत्रीय अन्य मांगों को लेकर मध्य प्रदेश शासन के नाम का कलेक्टर मऊगंज को ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान संघ मऊगंज के जिला अध्यक्ष हरिशंकर पांडेय के नेतृत्व और संभागीय अध्यक्ष सीएल द्विवेदी की विशेष उपस्थिति में 24 अप्रैल को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि प्रांत के सभी जिलों में सैटेलाइट सर्वे की विफलता के कारण फसलों के सत्यापन में विसंगति से स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है।
अतः पटवारियों के सत्यापन को अंतिम मान्यता देकर स्लॉट बुकिंग हो। मिश्रित स्लॉट बुकिंग ( 2:1 छोटे और बड़े किसानों के अनुपात में) व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ की जाए। स्लॉट बुकिंग की समय सीमा 10 मई और खरीद की समय सीमा 20 मई तक बढ़ाई जाए। पराली यानी नरवई जलाने के नाम पर किसानों पर प्रकरण दर्ज करने और जुर्माना लगाने का दमन चक्र बंद किया जाए। उमरिया जिले के किसानों को वन भूमि अधिकार पट्टे दिये गये, किन्तु खसरों में तरमीम नहीं होने के कारण पट्टेधारी किसानों पर आपराधिक प्रकरण बनाये जा रहे हैं, इसे तत्काल रोका जाए।

प्रांत के जबलपुर, मऊगंज,सागर जिलों में इस वर्ष उपार्जन केन्द्रों की संख्या घटा दी गई है, जिनमें वृद्धि की जाय।स्लॉट बुकिंग की साइट रात में खुलने के कारण बुकिंग में परेशानी आ रही है। अतः साइट दिन में खोली जाए। गेहूं खरीदी खुली धूप में होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। अतः छांव और पेयजल की व्यवस्था की जाए। स्लॉट बुकिंग की लिमिट प्रति दिवस 1500 क्विंटल से बढ़ाकर 2500-3000 क्विंटल की जाए।
छतरपुर, सतना, मैहर, रीवा और मऊगंज जिलों में तुलाई में एक किलो गेहूं अधिक लिया जा रहा है, इस पर रोक लगाई जाए। टीकमगढ़, सतना, रीवा तथा मऊगंज जैसे सीमावर्ती ज़िलों के खरीदी केंद्रों पर उत्तर प्रदेश के व्यापारियों द्वारा लाये जा रहे अनाज को कड़ाई से रोका जाए। पांडुर्णा जिले में प्रति हेक्टेयर 17-19 क्विंटल का उपज मानक तय किया गया है, इसे बढ़ाकर 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर किया जाए।

सहकारी संस्थाओं के प्रकरण में ऋणी के अभिलेख पर्याप्त हैं, किन्तु पांढुर्णा और नरसिंहपुर जिलों में अतिरिक्त जमानतदार लिए जा रहे हैं,इसे बंद किया जाए। बालाघाट जिले में रबी सीजन में उत्पादित धान की फसल की खरीदी एमएसपी पर की जाए। मऊगंज जिले में 50 प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनने से खाद नहीं मिल पा रही है। सभी किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाए एवं संयुक्त खातों का परिमार्जन करवाया जाय।खरीफ फसलों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाय।
हैंडपंप खनन पर लगे प्रतिबंध को हटाया जाए क्योंकि किसानों के खेत तक सिर्फ गर्मी के मौसम में ही बोरिंग मशीनें पहुंच पाती है। हैंडपंप खनन न हो पाने की स्थिति में खेतों की सिंचाई के साथ-साथ पीने के लिए पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मऊगंज जिले में माइनिंग इंस्पेक्टर द्वारा किसानों को परेशान किया जा रहा है क्योंकि खेतों की समतलीकरण के दौरान मीनिंग निरीक्षक खेत में जाकर किसानों की जेसीबी और अन्य मशीनरी को जप्त करके परेशान करते हैं जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम कलेक्टर मऊगंज को सौंपे गए ज्ञापन के दौरान मुख्य रूप से भारतीय किसान संघ के संभागीय अध्यक्ष सीएल द्विवेदी, मऊगंज जिला अध्यक्ष हरिशंकर पांडेय, मंत्री अरुणेंद्र प्रताप सिंह, सह मंत्री यज्ञ नारायण सिंह, राममिलन प्रजापति, जिला कार्यकारिणी सदस्य त्रिवेणी प्रसाद पांडेय,मऊगंज तहसील अध्यक्ष विभूति भूषण सिंह, हनुमना तहसील अध्यक्ष रामकृष्ण मिश्रा, नईगढ़ी तहसील अध्यक्ष राम सिपाही पटेल सहित सभी जिला और तहसील कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
Varsha Shrivastava 
