लोकसभा में पेश हुआ लोक परीक्षा संशोधन बिल, हंगामे के चलते नहीं हो सकी चर्चा
परीक्षा संशोधन बिल लोकसभा में पेश: 2024 के कानून में होंगे बड़े बदलाव, आरोपियों पर बढ़ेगी सजा और जुर्माना, Fast Track Courts बनाने का भी प्रावधान, विपक्ष छात्रों से मारपीट के मुद्दे पर चर्चा पर अड़ा
संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को केंद्र सरकार ने लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बिल सदन में रखा, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी।
विपक्ष छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और पिटाई के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर अड़ा रहा। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दिन में चार बार स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सरकार और विपक्ष से सहमति बनाकर बिल पर चर्चा करने की अपील की। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और सपा सांसद अखिलेश यादव से भी मुलाकात की।
#MonsoonSession2026
— SansadTV (@sansad_tv) July 27, 2026
Union Minister @DrJitendraSingh introduces the Public Examinations (Prevention of Unfair Means) (Amendment) Bill, 2026 in the Lok Sabha.
The Bill seeks to amend the Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024, with the objective of further… pic.twitter.com/kPhFoVHvbM
इस संशोधन विधेयक के जरिए साल 2024 में लागू किए गए कानून को और मजबूत बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
छात्रों से मारपीट के मुद्दे की चर्चा पर अड़ा विपक्ष
जब सदन में पेपर लीक से जुड़ा लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया जा रहा था तब विपक्ष मोदी-शाह छात्रों से माफी मांगें के नारे लगा रहा था। विपक्ष छात्रों से मारपीट के मुद्दे पर चर्चा की मांग पर अड़ा है। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सदन सर्वोच्च है और देश में जो कुछ भी घटित होता है, उसके बारे में बताना मंत्रिपरिषद की जिम्मेदारी होती है।
— Congress (@INCIndia) July 27, 2026
मासूम छात्रों पर लाठियां चलाई गईं है, लड़कियों से दुर्व्यवहार किया गया है। ऐसे में सरकार की जवाबदेही बनती है और गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए।
: राज्यसभा में… pic.twitter.com/SNYqQvU0lU
इससे पहले सुबह 10:30 बजे विपक्ष ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया था। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियां सरकार से NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब की मांग कर रही है।
''अमित शाह जवाब दो - लाठी का हिसाब दो''
— Congress (@INCIndia) July 27, 2026
विपक्ष के सांसदों ने छात्रों पर हुई लाठीचार्ज के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मोदी सरकार को छात्रों पर किए गए जुल्मों का हिसाब देना होगा।
???? संसद परिसर, दिल्ली pic.twitter.com/3zL1oT2PqQ
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत
उधर, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद सोमवार को पहली संसद पहुंचे। NDA सांसदों ने उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया और संसद भवन के अंदर तक ले गए। प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को इस्तीफा दिया था।
#WATCH | Delhi: Former Union Education Minister and BJP MP Dharmendra Pradhan arrives at the Parliament.
— ANI (@ANI) July 27, 2026
BJP-NDA MPs sloganeer "Dharmendra Pradhan zindabad" as they receive him here. pic.twitter.com/7DHXIzMkvI
यह विधेयक ऐसे समय में संसद में लाया जा रहा है, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे और छात्रों के आंदोलन समाप्त होने के दो दिन बाद परीक्षा सुधार को लेकर सरकार बड़ा कदम उठा रही है।
PM Modi ने किया था सख्त कानून का ऐलान
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि Paper Leak कोई सामान्य अपराध नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि सरकार इस समस्या पर कठोर कार्रवाई करेगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उसी घोषणा के बाद अब संशोधन विधेयक संसद में पेश किया जा रहा है।
HIGH POWERED TASK FORCE on examination reforms under the leadership of Shri Nandan Nilekani constituted.@NandanNilekani pic.twitter.com/mMpmPdIEL5
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2026
प्रस्तावित संशोधन में दोषियों के लिए अधिक कठोर सजा, भारी जुर्माना और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष Fast Track Courts की व्यवस्था शामिल है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसी अदालतें गठित करने का अधिकार दिया जाएगा, जहां इन मामलों की रोजाना सुनवाई हो सकेगी।
क्या है मौजूदा कानून?
जून 2024 तक देश में Paper Leak को लेकर कोई एक समान केंद्रीय कानून नहीं था। ऐसे मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती थी। कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर नकल-विरोधी कानून बनाए थे, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गंभीर मामलों में Gangster Act तक लगाया गया।
NEET-UG और UGC परीक्षाओं में अनियमितताओं के बाद केंद्र सरकार ने 21 जून 2024 को Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act लागू किया। इस कानून में पेपर लीक, OMR Sheet हासिल करना, नकल करवाना, फर्जी परीक्षा वेबसाइट बनाना और परीक्षकों को धमकाने जैसे अपराधों को गैर-जमानती बनाया गया।
वर्तमान कानून के तहत पेपर लीक जैसे अपराधों में 3 से 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। वहीं परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था या एजेंसी के निदेशक अथवा प्रबंधन के दोषी पाए जाने पर 3 से 10 साल तक की कैद और ₹1 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अब सरकार संशोधन के जरिए इन दंडों को और कड़ा बनाने की तैयारी में है।
Varsha Shrivastava 
