राकेश सिंह यादव ने छोड़ी कांग्रेस, राहुल गांधी को धृतराष्ट्र-जीतू पटवारी को दलाल कहा

इंदौर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव, सचिव और प्रवक्ता रहे राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया।

राकेश सिंह यादव ने छोड़ी कांग्रेस, राहुल गांधी को धृतराष्ट्र-जीतू पटवारी को दलाल कहा

इंदौर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव, सचिव और प्रवक्ता रहे राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे आरोप लगाए। यादव ने राहुल गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए संगठन में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी का आरोप लगाया।

वहीं, कांग्रेस संगठन का कहना है कि राकेश सिंह यादव ने इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया है और पत्र भी जारी किया गया है।

चिंटू चौकसे ने राकेश यादव को पार्टी से निष्कासित किया

इधर, कांग्रेस नेता के इस्तीफे के बाद इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और लगातार अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते राकेश सिंह यादव की कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

जारी आदेश में कहा गया है कि कई बार समझाइश देने के बावजूद उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ और उनकी गतिविधियों से संगठन की छवि प्रभावित हो रही थी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश के आधार पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।

कांग्रेस नेता ने राहुल से लेकर पटवारी पर लगाए आरोप

दरअसल, इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में राकेश सिंह यादव ने कहा कि वे पिछले तीन से साढ़े तीन दशक से कांग्रेस से जुड़े रहे और प्रदेश महासचिव, सचिव और प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान नेतृत्व के कारण संगठन कमजोर हुआ है। यादव ने आरोप लगाया कि जीतू पटवारी लेन-देन के जरिए प्रदेश अध्यक्ष बने, जबकि प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा हो रही है।

राकेश सिंह यादव ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और संगठन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इंदौर लोकसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम, जिनमें अक्षय कांति बम और मीनाक्षी नटराजन का मामला भी शामिल है, उसके लिए प्रदेश नेतृत्व जिम्मेदार है। यादव ने कहा कि मौजूदा नेतृत्व के साथ काम करना उनके लिए संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।

राहुल गांधी को धृतराष्ट्र-जीतू पटवारी को दलाल कहा

प्रेस वार्ता में राकेश सिंह यादव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव सीधे-सीधे हारने का दोषी जीतू पटवारी और हरीश चौधरी हैं। उन्होंने जीतू पटवारी को पद के योग्य नहीं बताते हुए उन पर संगठन को कमजोर करने, मनमाने फैसले लेने और असहमति की आवाज दबाने के आरोप लगाए। राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया कि हरीश चौधरी ने पंजाब में टिकट बेचे और जीतू पटवारी ने उन्हें डिफेंडर दी।

जीतू पटवारी इस पद के योग्य नहीं थे, लेकिन लेन-देन करके बन गए। जीतू पटवारी पैसा दिए हैं और वह जमीनों की दलाली करते हैं। इसलिए तो वो दिग्विजय सिंह का अपमान करते हैं इसलिए तो कमलनाथ का अपमान करते हैं और रही बात राहुल गांधी की, तो वो ऐसे धृतराष्ट्र हैं जिनकी खुली आंखो पर पट्टी बांधी है और उन्होंने अनेक दुर्योधन पैदा कर दिए हैं कई राज्य में। 

नोटिस मिला तो सोचा इस्तीफा देना बेहतर समझा 

दरअसल, बुधवार 1 जुलाई को एक पत्र जारी कर कांग्रेस ने 3 दिन के मौन सत्याग्रह का ऐलान किया था। इस दौरान अधिकृत प्रेस कॉन्फ्रेंस के अलावा नेताओं और प्रवक्ताओं पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बाइट देने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ताओं को टीबी डिबेट में हिस्सा नहीं लेने के निर्देश थे। 

लेकिन, राकेश सिंह यादव ने इसका कारण पूछा और जवाब नहीं मिलने पर वह टीवी डिबेट में शामिल भी हुए। इसी को लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। हालांकि उनका कहना है कि नोटिस मिलने से पहले ही उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।