MP हाईकोर्ट ने दी कर्मचारियों को राहत, फैसले का पालन नहीं तो होगा मंत्रालय घेराव

कमलनाथ सरकार के वेतन कटौती आदेश को हाईकोर्ट ने असंवैधानिक बताया,हाईकोर्ट के आदेश का पालन नही हुआ तो मंत्रालय का घेराव करेंगे कर्मचारी।

MP हाईकोर्ट ने दी कर्मचारियों को राहत, फैसले का पालन नहीं तो होगा मंत्रालय घेराव

भोपाल:मध्यप्रदेश जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर है। अदालत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल में जारी उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत नियुक्ति के शुरुआती तीन वर्षों में कर्मचारियों के वेतन से जबरन कटौती की जा रही थी। इस निर्णय को कर्मचारियों ने अपने अधिकारों की बड़ी जीत बताया है।

कर्मचारियों की बड़ी जीत

मप्र. कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने  भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में दो ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं, जिनके कार्यकाल में कर्मचारियों की नौकरियों और वेतन के साथ खिलवाड़ हुआ। वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के फैसले से 28 हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नौकरी से बाहर होना पड़ा, वहीं 2019 में कमलनाथ सरकार ने नियमित कर्मचारियों के वेतन में भारी कटौती का कर्मचारी विरोधी आदेश जारी किया।

कर्मचारियों की मांग को सरकार ने नही सुना-अशोक पाण्डेय

 
पाण्डेय ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग ने 12 दिसंबर 2019 को आदेश जारी कर नियुक्ति के पहले वर्ष में 30 प्रतिशत, दूसरे वर्ष में 20 प्रतिशत और तीसरे वर्ष में 10 प्रतिशत वेतन कटौती का प्रावधान किया था। इससे हजारों कर्मचारियों को बीते छह वर्षों में करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। कर्मचारियों की लगातार मांगों के बावजूद सरकार ने उनकी आवाज नहीं सुनी।

कटौती की राशि लौटाने के निर्देश


हालांकि अब न्याय के मंदिर से कर्मचारियों को राहत मिली है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर की डबल बेंच, जिसमें जस्टिस विवेक रसिया और जस्टिस दीपक कुमार की पीठ शामिल है, ने 6 जनवरी 2026 को कर्मचारी हित में फैसला सुनाते हुए इस आदेश को असंवैधानिक करार दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब कर्मचारी पूरा काम करता है तो उसे पूरा वेतन मिलना चाहिए और समान कार्य-समान वेतन का सिद्धांत लागू होगा। साथ ही सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि पिछले छह वर्षों में वेतन से की गई कटौती की पूरी राशि प्रभावित कर्मचारियों को वापस की जाए।

आदेश नही माना तो होगा आंदोलन


म.प्र. कर्मचारी मंच ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश का शीघ्र पालन नहीं किया तो 13 जनवरी 2026 को भोपाल में मंत्रालय का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह के भीतर आदेश लागू करने और कर्मचारियों के पक्ष में स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की जाएगी।

मैं बहुत खुश हूं-सागर जैन 

पंजीयन विभाग कर्मचारी सागर जैन ने बताया कि ने पहले साल 70 प्रतिशत वेतन, फिर 80 परसेंट वेतन और फिर 90 परसेंट वेतन में काम करना अपने घर से दूर रहना काफी कठिन था आज ऐसा आदेश आया है न्यायालय का इससे मुझे काफी राहत मिली है...मैं बहुत खुश हूं...