ग्वालियर बनेगा भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, 3,500 करोड़ का निवेश और 14 हजार से ज्यादा रोजगार

ग्वालियर में भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन स्थापित होगा। केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ। परियोजना में ₹3,500 करोड़ निवेश, 14 हजार से अधिक रोजगार और 5G-6G उपकरणों का निर्माण होगा।

ग्वालियर बनेगा भारत का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, 3,500 करोड़ का निवेश और 14 हजार से ज्यादा रोजगार

भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में भारत सरकार के संचार मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार के बीच गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस परियोजना से करीब 3,500 करोड़ रुपये का निवेश और 14 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना ग्वालियर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को वैश्विक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि अब मध्यप्रदेश में बने संचार उपकरण देश के साथ-साथ दुनिया के कई देशों तक पहुंचेंगे।

पहले चरण में 170 एकड़ में होगा विकास

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन का पहला चरण 170.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए केंद्र सरकार 493 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता देगी। इसमें अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब, प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर, आंतरिक अधोसंरचना, टेक्नोलॉजी सेंटर और निवेश प्रोत्साहन गतिविधियों का विकास किया जाएगा।

5G-6G और सेमीकंडक्टर उपकरणों का होगा निर्माण

इस ज़ोन में 5G और 6G नेटवर्क उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, राउटर, सेमीकंडक्टर, नेटवर्किंग डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर का निर्माण होगा। साथ ही आधुनिक टेस्टिंग और साइबर सिक्योरिटी लैब भी स्थापित की जाएगी, जिससे कंपनियों को परीक्षण और प्रमाणन के लिए दूसरे राज्यों या विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

निवेशकों को मिलेंगी विशेष सुविधाएं

मध्यप्रदेश सरकार ने निवेशकों के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहनों की घोषणा की है। इनमें शामिल हैं—

  • 30 वर्षों तक 1 रुपये प्रति वर्गमीटर वार्षिक लीज़
  • 100% स्टाम्प ड्यूटी प्रतिपूर्ति
  • 1 रुपये का सांकेतिक भूमि प्रीमियम
  • पहले 5 वर्षों तक 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली टैरिफ रियायत
  • 50% पूंजी सब्सिडी (अधिकतम 200 करोड़ रुपये)
  • अनुसंधान एवं विकास (R&D) सहायता
  • निर्यात फ्रेट सब्सिडी, प्रशिक्षण और रोजगार सहायत

15 कंपनियों ने दिखाई रुचि

राउंड टेबल बैठक में HFCL, VVDN Technologies, Dixon Technologies, Lava Mobiles, Syrma SGS, Optimus Electronics, Sparsh CCTV समेत 15 प्रमुख कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई। प्रस्तावित निवेश करीब 3,500 करोड़ रुपये का है, जिससे 14 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है। ग्वालियर में बनने वाला यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन 'डिजाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया' के विजन को साकार करेगा। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि "जो सुविधा देश में कहीं नहीं मिलेगी, वह मध्यप्रदेश में मिलेगी।"