मऊगंज: नईगढ़ी जनपद की सामान्य सभा बैठक रद्द, जनपद सदस्य नृपेन्द्र सिंह पिंटू ने अध्यक्ष पर लगाए तानाशाही और विकास रोकने के आरोप
मऊगंज के नईगढ़ी जनपद पंचायत में सामान्य सभा की बैठक रद्द होने के बाद जनपद सदस्य नृपेन्द्र सिंह पिंटू ने अध्यक्ष पर तानाशाही, राशि वितरण में मनमानी और विकास कार्य प्रभावित करने के आरोप लगाए।
मऊगंज जिले की जनपद पंचायत नईगढ़ी में सामान्य सभा की बैठक निरस्त होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जनपद सदस्य एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह पिंटू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनपद अध्यक्ष पर तानाशाही रवैया अपनाने और विकास कार्यों में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
नृपेन्द्र सिंह पिंटू के अनुसार, 29 जून को दोपहर 12 बजे सामान्य सभा की बैठक निर्धारित थी, लेकिन बैठक शुरू होने से पहले सुबह 11 बजे बिना किसी स्पष्ट कारण के इसे निरस्त कर दिया गया। उनका कहना है कि जब वे जनपद कार्यालय पहुंचे तो वहां जनपद अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मौजूद नहीं थे। केवल कुछ जनपद सदस्य ही कार्यालय में उपस्थित मिले।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से जनपद कार्यालय की कार्यप्रणाली इसी तरह चल रही है। समय पर सामान्य सभा की बैठक नहीं होती और न ही विभिन्न समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। इससे जनपद सदस्यों को अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखने का अवसर नहीं मिल पाता।
राशि वितरण और विकास कार्यों पर भी उठाए सवाल
नृपेन्द्र सिंह पिंटू ने आरोप लगाया कि जनपद की विकास राशि का वितरण निष्पक्ष तरीके से नहीं किया जा रहा है और कुछ चुनिंदा ग्राम पंचायतों एवं कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की कार्ययोजना एवं राशि का वितरण अब तक पूरा नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी दी प्रतिक्रिया
प्रेस विज्ञप्ति में नृपेन्द्र सिंह पिंटू ने कहा कि यदि जनपद अध्यक्ष भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही हैं तो उन्हें संबंधित मामलों की जांच करानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले चार वर्षों में कितनी ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई और कितनी रिकवरी की गई। उनका कहना है कि केवल सोशल मीडिया पर आरोप लगाने से भ्रष्टाचार समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने जनपद अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी अक्षमता के कारण जनपद क्षेत्र की जनता, पंच, सरपंच और जनपद सदस्य सभी परेशान हैं।

