आदिवासी धर्म कोड पर बढ़ी सियासत: उमंग सिंघार की अपील पर मंत्री विश्वास सारंग का पलटवार
उमंग सिंघार के आदिवासी धर्म कोड की मांग वाले बयान पर विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर समाज में फूट डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की हैं।
भोपाल: मध्य प्रदेश में आदिवासी धर्म कोड को लेकर सियासत तेज हो गई है। अनूपपुर में आदिवासी समाज के एक कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासियों की पहचान बचाने के लिए अलग धर्म कोड की मांग जरूरी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक आवेदन भेजने की अपील करते हुए कहा कि अगर आदिवासियों को किसी दूसरे धर्म में गिन दिया गया तो उनकी पहचान, आरक्षण और वन अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

उमंग सिंघार ने 50 लाख आवेदन भेजने की अपील की
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश से करीब 50 लाख फॉर्म भेजे जाने चाहिए, ताकि यह मांग राष्ट्रपति तक पहुंचे और आदिवासी समाज की आवाज देश के सर्वोच्च पद तक सुनी जाए।वहीं इस बयान पर प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

सारंग बोले-उमंग सिंघार पर दर्ज होना चाहिए केस
उन्होंने कहा कि कांग्रेस समाज में फूट डालने की राजनीति करती है और नेता प्रतिपक्ष का बयान आपत्तिजनक और गैरकानूनी है। सारंग ने आरोप लगाया कि उमंग सिंघार आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं और जनगणना जैसी संवैधानिक प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि संविधान की बात करने वाले राहुल गांधी संविधान की बात करते हैं क्या वो उनके नेता प्रतिपक्ष को हटाएंगे।

राजनीतिक दलों को सनातन के विखंडन का अधिकार नहीं
अनिलानंद महाराज ने कहा किसी भी राजनीतिक दल के लोगों को सनातन के विखंडन का अधिकार नहीं है। उमंग सिंघार पहले आदिवासियों के पुरातन और धार्मिक इतिहास को पढ़ें फिर ऐसी आपत्तिजनक विखंडन की टिप्पणी करें। सिर्फ वोट की राजनीति के लिए सनातन के विखंडन का षड्यंत्र स्वीकार नहीं होगा। साधु सन्यासी संतों और सनातनियों को राजनीतिक दलों से कोई मतलब नहीं है। हजारों साल पहले सनातनियों के खिलाफ हुए षड्यंत्र से सबक लेना चाहिए। तब सनातनियों के विखंडन कर गुलाम बनाया गया था। राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले लोग सावधान हो जाएं। अगर थोड़ी सी भी धर्म की लाज रखते हो तो सनातन को खंड-खंड करने का षड्यंत्र ना करें। आदिवासी सनातन का अभिन्न अंग है।
sanjay patidar 
