77th Republic Day: CM डॉ. मोहन यादव ने फहराया झंडा, कहा- राष्ट्रप्रेम से लोकतंत्र मजबूत

मध्यप्रदेश में गणतंत्र दिवस की धूम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराया।

77th Republic Day: CM डॉ. मोहन यादव ने फहराया झंडा, कहा- राष्ट्रप्रेम से लोकतंत्र मजबूत

मध्यप्रदेश में 77वें गणतंत्र दिवस की धूम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराया। सीएम ने कार्तिक मेला ग्राउंड में झंडा फहराया और तीन रंग के गुब्बारे आसमान में उड़ाए। साथ ही सीएम ने परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की प्रदेश और देशवासियों को शुभकामनाएं और बधाई दी। साथ ही सीएम ने भारत माता की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर वीर शहीदों को नमन किया।

सीएम ने अपने संदेश में कहा कि आज राष्ट्र के जन गण मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व भाव अलग प्रकार का अहसास हो रहा है, जब सिंहस्थ 2028 का आगमन हो रहा है। ऐसे पावन पुनित क्षिप्रा के किनारे आज यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार कदम से कदम मिलाकर के विकास के कारवां के लिए लगातार आगे बढ़ रही है। आज पूरे विश्व में भारत की गरिमा बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए पूरे विश्व में भारत की श्रेष्ठ छवि बनाई है। मध्यप्रदेश सरकार संकल्पबद्ध होकर गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के लिए काम कर रही है। देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। खेती-किसानी करने वाले भाईयों के जीवन में मुस्कान लाने के लिए हमारी सरकार कई प्रकार से काम कर रही है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष मनाने का हमने निर्णय किया है। वर्ष 2002-2023 में  जहां कृषि और संबंध क्षेत्र का बजट मात्र 600 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2024-2025 में 27 हजार करोड़ से अधिक का बजट करके हमने अपने किसानों के प्रति समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की दिशा में  प्रदेश में कृषि का बहुआयमी मॉडल तय किया है।

किसानों को समृद्ध बनाने के लिए मुख्य फसलों के साथ उद्धायनिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उद्यानिक फसलों को उत्पादन 344 लाख मेट्रिक टन से बढ़कर 425 लाख मेट्रिक टन हो गया है। मध्यप्रदेश टमाटर, धनिया, लहसुन और संतरा उत्पादन में प्रथम है। इसी प्रकार से पुष्प, सीताफल, प्याज, हरीमटर, नीबू और लाल मिर्ची उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है। हमारा प्रदेश आने वाले समय में देश की दुग्ध राजधानी बनेगा। पशुपालन का कार्य किसानों और पशुपालकों के लिए भी लाभ का माध्यम बने इसके लिए बहुआयामी प्रयास किये जा रहे हैं। 

इस वित्तवर्ष में गौशालाओं के लिए बजट प्रावधान 250 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 505 करोड़ रुपए किया गया है। प्रदेश में लगभग 3 हजार गौशालाएं पौने पांच लाख गौमाताओं की देखभाल का दायित्व निभा रही है। मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन से प्रदेश को विशेष श्रेणी से उत्कृत श्रेणी में आने का पुरस्कार मिला है। मत्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश में आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अग्रसर है। डेढ़ लाख से अधिक मत्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री मत्य संपदा क्षेत्र में भी हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है। इसी कारण से तालाब निर्माण के कार्य भी हुए हैं। जनविश्वास अधिनियम 2024-25 के माध्यम से अनेक कानूनों के प्रावधान सरल किए गए हैं।