कलेक्टर बंगले में होली का रंगीन उत्सव, बच्चों के चेहरों पर बिखरी खुशियां

सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और परिवार ने 6 मार्च 2026 को कलेक्टर बंगले पर बाल रंग 2026 होली मिलन का 5वां वार्षिक आयोजन किया।

कलेक्टर बंगले में होली का रंगीन उत्सव, बच्चों के चेहरों पर बिखरी खुशियां

सतना: कलेक्टर बंगले में शुक्रवार की सुबह कोरोना काल में माता-पिता खो चुके बच्चों के लिए खुशियों की बौछार हुई। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और उनका परिवार इन मासूमों के मेहमान नवाजी करने में जुट गया।

बाल रंग 2026 का पांचवां आयोजन:
जिला प्रशासन की विशेष पहल से महिला बाल विकास विभाग ने 'वात्सल्य उत्सव एवं बाल रंग 2026' होली मिलन का पांचवां वार्षिक आयोजन किया। जिले भर से आए मातृ-पितृ विहीन बच्चों ने कलेक्टर निवास पर रंग-गुलाल लगाकर आत्मीय होली खेली। बाल सुलभ साज-सज्जा वाले बंगले में फिसल पट्टी, झूले, स्वादिष्ट व्यंजन और डीजे डांस ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया।

अधिकारियों का सक्रिय सहयोग
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह, एसडीएम अनिकेत शांडिल्य, महिला बाल विकास जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह, सहायक संचालक श्याम किशोर द्विवेदी, सीडीपीओ इंद्र भूषण तिवारी, पुनीत शर्मा, अरुणेश तिवारी, अभय द्विवेदी और उनकी टीम ने भाग लिया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष चंद्र किरण श्रीवास्तव, सदस्य अंजना तिवारी, मंजूषा शाह, कामता प्रसाद पाण्डेय तथा मातृछाया टीम ने भी बच्चों संग मस्ती की। सभी ने मिलकर इन बच्चों को अपनापन का एहसास कराया।

गिफ्ट पैकेट से विदाई:
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पत्नी श्रीमती नमामि ने फूलों-गुलाल की होली खेली तथा बच्चों को गिफ्ट पैकेट भेंट किए। डॉ. एस ने कहा, "इन बच्चों के बीच आकर जो सुख मिलता है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मां-बाप का प्यार तो नहीं दे सकते, लेकिन यह अहसास जरूर करा सकते हैं कि वे अकेले नहीं, हम सब उनके साथ हैं।" बच्चे खुशी से चमकते चेहरों और उपहार लिये घर लौटे।

यह आयोजन न केवल होली का त्योहार मनाने का माध्यम बना, बल्कि समाज के वंचित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की मिसाल भी कायम की। सतना जिला प्रशासन द्वारा पिछले पांच वर्षों से लगातार किए जा रहे ऐसे प्रयास बच्चों के जीवन में स्थायी खुशियां बिखेर रहे हैं।

वात्सल्य उत्सव की खासियत:
यह आयोजन कोरोना महामारी में माता-पिता खो चुके और जिले के अन्य मातृ-पितृ विहीन बच्चों के लिए था। कलेक्टर बंगले में लगाए गए झूले, फिसल पट्टी और खेल संसाधनों पर बच्चे खूब धमाल मचाते नजर आए। जिला प्रशासन की यह पहल पिछले चार वर्षों से लगातार चल रही है, जो बच्चों को सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों से जोड़ती है, कलेक्टर बंगले में होली का रंगीन उत्सव: बच्चों के चेहरों पर बिखरी खुशियां