CM डॉ. मोहन यादव ने किसानों के साथ खेत में रोपा धान, सिवनी में धान महोत्सव का शुभारंभ
सिवनी के खेत में उतरे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के साथ रोपा धान, जिले को 494 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी और कोदो-कुटकी बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित किया
सिवनी, 1 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को सिवनी जिले के दौरे पर अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपाई की और धान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से आत्मीय संवाद किया, उनके साथ खेत में भोजन भी किया और कृषि से जुड़े अनुभव साझा किए।


मुख्यमंत्री ने धान महोत्सव के साथ आयोजित कोदो-कुटकी बोनस वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सिवनी जिले को 494 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों, श्रमिकों और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।

सिवनी को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में 349.33 करोड़ रुपये की लागत से 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और 144.80 करोड़ रुपये की लागत के 43 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने बालाघाट-सिवनी फोरलेन सड़क निर्माण, सिवनी के चमारा विकासखंड में शासकीय महाविद्यालय और स्टेडियम सहित अन्य विकास कार्यों की भी घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कन्या पूजन भी किया।


कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को मिला बोनस
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 3,941 किसानों को कोदो-कुटकी बोनस वितरित किया गया है। लगभग 2,829 मीट्रिक टन उपज पर किसानों को 1,000 रुपये प्रति मानक के हिसाब से कुल 2,082.99 लाख रुपये की बोनस राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने शासकीय स्तर पर कोदो-कुटकी की खरीद शुरू की है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ बोनस देकर श्रीअन्न उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी और बैगनी अरहर को जीआई टैग मिलने से प्रदेश के श्रीअन्न उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। सरकार इन उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
संबल योजना के तहत श्रमिक परिवारों को मिली सहायता
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। उन्होंने कहा कि संबल योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये तथा स्थायी अपंगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसके अलावा पात्र श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

धान किसानों को भी मिलेगा भावांतर योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के धान उत्पादक किसानों के हित में भी भावांतर योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के बीच का अंतर राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार खेत से लेकर बाजार तक कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर काम कर रही है ताकि किसानों की आय में लगातार वृद्धि हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धान की फसल को जीआई टैग मिलने से प्रदेश के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। सरकार श्रीअन्न और धान दोनों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मानसून को लेकर सीएम ने किसानों को दी सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वर्ष मानसून पर अल नीनो का प्रभाव दिखाई दे रहा है। यदि वर्षा सामान्य से कम होती है तो किसानों को वैकल्पिक फसलों की तैयारी भी रखनी चाहिए। उन्होंने किसानों से कोदो-कुटकी सहित अन्य मोटे अनाजों की खेती बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि श्रीअन्न पोषक तत्वों से भरपूर है और इसकी मांग देश-विदेश में लगातार बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार इसी माह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक लोगों ने यूसीसी के समर्थन में अपनी सहमति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की भावनाओं के अनुरूप निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसानों-गरीबों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित पात्र परिवारों के लिए नया सर्वे कराया जा रहा है ताकि सभी जरूरतमंदों को आवास उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, श्रमिकों, गरीबों और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर नई योजनाएं लागू कर रही है। धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री का किसानों के बीच सहज और आत्मीय अंदाज कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसे लोगों ने खूब सराहा।
Varsha Shrivastava 
