इंदौर में बीच सड़क पर बोरिंग: पानी की समस्या के समाधान पर विवाद, कांग्रेस ने उठाए सुरक्षा के सवाल
इंदौर में बीच सड़क पर बोरिंग: पार्षद बोले- पानी की समस्या दूर करने के लिए लिया फैसला, रहवासियों की सहमति से हुआ काम। कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- विकास कार्यों में राहगीरों की सुरक्षा का भी रखें ध्यान
इंदौर में एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। शहर में बीच सड़क पर कराई गई बोरिंग की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। तस्वीरों को देखकर लोग हैरानी जता रहे हैं कि आखिर सड़क के बीचों-बीच बोरिंग कैसे कर दी गई।
हालांकि, इस पूरे मामले में स्थानीय पार्षद राजीव जैन का कहना है कि यह फैसला क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या को देखते हुए लिया गया। उनका दावा है कि सड़क के दोनों ओर गैस पाइपलाइन और सीवरेज लाइन होने के कारण कोई दूसरी जगह उपलब्ध नहीं थी। वहीं, स्थानीय रहवासियों ने भी पार्षद के फैसले का समर्थन किया है। दूसरी ओर कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए इसे लापरवाही करार दिया है।
सड़क के बीच बनी बोरिंग को लेकर चर्चा
दरअसल, गिरधर नगर क्षेत्र में सड़क के बीच बनी बोरिंग इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पहली नजर में यह व्यवस्था अजीब जरूर दिखाई देती है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई थी, जिसके समाधान के लिए यह कदम उठाया गया।

इस बोरिंग को लेकर पार्षद राजीव जैन ने बताया कि सड़क के एक ओर गैस पाइपलाइन और दूसरी ओर सीवरेज लाइन होने के कारण सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं था। ऐसे में तकनीकी स्थिति को देखते हुए सड़क के बीच बोरिंग करवाई गई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्थानीय रहवासियों की सहमति से लिया गया है और जल्द ही बोरिंग के चारों ओर चैंबर बनाकर उसे सड़क के लेवल में व्यवस्थित कर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी राहगीर या वाहन चालक को परेशानी नहीं होगी।
स्थानीय रहवासियों ने भी पार्षद का समर्थन किया
वहीं, इस मामले में स्थानीय रहवासियों ने भी पार्षद के दावे का समर्थन किया। उनका कहना है कि पानी की समस्या से पूरा क्षेत्र परेशान था। गैस पाइपलाइन और सीवरेज लाइन के कारण दूसरा विकल्प नहीं बचा था। फिलहाल बोरिंग से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो रही है और जब इसे चैंबर के माध्यम से सड़क के अंदर समतल कर दिया जाएगा, तब राहगीरों को भी किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।

कांग्रेस ने पार्षद और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए
इधर, कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा के पार्षद और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सह प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जैन का कहना है कि विकास कार्य केवल किसी एक वर्ग की सुविधा को ध्यान में रखकर नहीं किए जाने चाहिए। सार्वजनिक सड़क पर होने वाले किसी भी निर्माण में आम नागरिकों और राहगीरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
फिलहाल, सड़क के बीच बनी यह बोरिंग सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि नगर निगम और संबंधित विभाग इसे कितनी जल्दी स्थायी और सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करते हैं, ताकि पानी की समस्या का समाधान भी बना रहे और सड़क की सुरक्षा भी प्रभावित न हो।
Varsha Shrivastava 
