झारखंड में छात्र आंदोलन थमने के बजाय और तेज, सरकार ने मानी आधी मांगें; JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा मंजूर
Jharkhand Student Protest के बीच सरकार ने छात्रों की करीब 50% मांगें मान ली हैं. JPSC-PT रद्द करने पर सहमति बनी, जबकि JSSC-CGL पर गतिरोध जारी है.
रांची. झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन 16वें दिन भी जारी है. JPSC और JSSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर रविवार को सरकार और छात्रों के बीच एक बार फिर बातचीत हुई. तीसरे दौर की इस बैठक में सरकार ने छात्रों की करीब आधी मांगों पर सहमति जताई, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर अब भी गतिरोध बना हुआ है.
बैठक के बाद छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया. छात्रों का कहना है कि जब तक सहमति बनी मांगों को लिखित रूप में लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. इसी कड़ी में सोमवार 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी की जा रही है. रांची में इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है.
JPSC-PT पर बनी बात, JSSC-CGL को लेकर पेंच बरकरार
छात्र नेताओं के अनुसार, सरकार 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा यानी PT को रद्द करने के लिए तैयार हो गई है. वहीं JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन सकी.
परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के आरोपों की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराने पर भी चर्चा हुई है. छात्रों की मांग है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और दोषियों की पहचान के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
सरकार और छात्रों के बीच इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को भी बातचीत हुई थी, लेकिन दोनों दौर में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था. रविवार की बैठक में छात्र पक्ष से छह प्रतिनिधि शामिल हुए. लोकसभा चुनाव लड़ चुके देवेंद्रनाथ महतो और अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं.
JPSC में तीन सदस्यों ने छोड़ा पद
छात्र आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम भी सामने आया है. आयोग की सदस्य अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
तीनों सदस्यों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा था. राज्यपाल की ओर से इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद आयोग में तीन पद खाली हो गए हैं.
16 दिन से सड़क पर छात्र
रांची में छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा. जयपाल सिंह स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र जुटे हुए हैं. शनिवार शाम छात्रों ने शहीद निर्मल महतो की शहादत दिवस के मौके पर फ्लैश लाइट मार्च भी निकाला. यह मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अलबर्ट एक्का चौक तक पहुंचा.
14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर छह छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं. आंदोलन स्थल पर प्रशासन ने निगरानी के लिए कैमरे भी लगाए हैं.
इस बीच 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत रविवार तड़के करीब 3 बजे बिगड़ गई. फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
मंत्रियों ने वीडियो कॉल पर की बात, लेकिन अनशन खत्म नहीं हुआ
सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा और संजय सिंह यादव ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की. मंत्रियों ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की और मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया.
देवेंद्र नाथ महतो ने मंत्रियों का आभार जताया, लेकिन साफ कर दिया कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर वे अनशन खत्म नहीं करेंगे. उनका कहना है कि मांगों को लिखित रूप में स्वीकार किए जाने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा.
हेमंत सोरेन बोले- "हमने चोरी पकड़ ली है"
छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया. आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राज्य के नौजवान अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और उन्हें न्याय मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा, "छात्र आंदोलन करें और अपने हक-अधिकार मांगें, क्योंकि हमने चोरी पकड़ ली है. नौजवानों को न्याय भी मिलेगा और जिन्होंने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर दंड भी दिया जाएगा."
मुख्यमंत्री के इस बयान को परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों पर सरकार के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है.
जयराम महतो भी छात्रों के समर्थन में उतरे
JLKM विधायक जयराम महतो ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है. वे रविवार को एक दिन के उपवास पर बैठे. उनका कहना है कि एक विधायक के तौर पर उनका यह कदम सरकार पर अतिरिक्त दबाव बनाने की कोशिश है.
जयराम महतो ने मामले की जांच CBI से कराने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में सीटों के नाम पर लाखों रुपये के लेन-देन की बातें सामने आ रही हैं. उनके मुताबिक, इतनी बड़ी रकम का मामला केवल किसी छोटे अधिकारी या सामान्य स्तर के व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता.
उन्होंने कहा कि पूरे मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और पर्दे के पीछे मौजूद लोगों को सामने लाना जरूरी है.
सोमवार को विधानसभा घेराव, राजधानी में बढ़ी सुरक्षा
सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनने के बावजूद छात्र आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं. छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है.
प्रशासन ने कार्यक्रम को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. अब सबकी नजर सोमवार के प्रदर्शन पर है. एक तरफ सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ छात्र लिखित आश्वासन और अपनी सभी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग पर कायम हैं.
Anubhav Dubey 
