बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, यह व्यक्तिगत आरोप नहीं था: कैलाश विजयवर्गीय
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने हालिया बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है.
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने हालिया बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को एक निजी शिक्षण संस्था में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके वक्तव्य को कुछ मीडिया संस्थानों ने काट-छांट कर इस तरह प्रस्तुत किया, मानो वह किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध व्यक्तिगत आरोप हो। जबकि उनके बयान की वास्तविक भावना और संदर्भ को सही तरीके से नहीं दर्शाया गया.

संस्कारों के महत्व पर केंद्रित था वक्तव्य
मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उनका पूरा वक्तव्य बच्चों में संस्कारों के महत्व पर केंद्रित था. उन्होंने कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने के लिए केवल विद्यालयीन शिक्षा ही नहीं, बल्कि घर का वातावरण भी सकारात्मक होना आवश्यक है. छोटे बच्चे अपना अधिकांश समय घर में बिताते हैं, ऐसे में यदि घर का माहौल ठीक नहीं होगा, तो शिक्षा का अपेक्षित प्रभाव भी नहीं पड़ पाएगा।
भाषण में दिए गए थे दो सामान्य उदाहरण
मंत्री ने बताया कि इसी संदर्भ में उन्होंने अपने भाषण के दौरान दो सामान्य उदाहरण सामने रखे थे. पहला उदाहरण यह था कि यदि बच्चे अपने माता-पिता को घर में मित्रों के साथ पार्टी करते हुए देखते हैं, तो उसका बच्चों के व्यवहार और सोच पर किस प्रकार प्रभाव पड़ता है. दूसरा उदाहरण सार्वजनिक जीवन से जुड़ा था, जिसमें किसी मंत्री के निकटजनों को मिलने वाले प्रलोभनों और उनसे बचने की आवश्यकता की बात कही गई थी.
बयान को किसी दूसरे संदर्भ में न लिया जाए
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि वे स्वयं PWD सहित कई विभागों के मंत्री रह चुके हैं. ये उदाहरण केवल सामान्य सामाजिक व्यवहार साझा करने और नैतिक सीख देने के उद्देश्य से दिए गए थे. उनका मकसद किसी व्यक्ति विशेष या किसी विभाग विशेष पर टिप्पणी करना नहीं था.
shivendra 
