मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026-27 के लिए गठित समितियों की संयुक्त बैठक
मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए नवगठित सभा समितियों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया।
मध्यप्रदेश विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए नवगठित सभा समितियों की प्रथम संयुक्त बैठक मंगलवार 7 अप्रैल को आयोजित की गई। जिसमें विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित विभिन्न समितियों के सभापति और सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक विधानसभा परिसर के मानसरोवर सभागार में आयोजित हुई, जहां सभी समितियों के बीच समन्वय बढ़ाने और कार्यों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और इनके माध्यम से जनहित से जुड़े मुद्दों का समाधान प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने सभी सदस्यों से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समितियों का दायित्व केवल समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस सुझाव भी देने चाहिए। उन्होंने समितियों के कार्यों को समयबद्ध और परिणामोन्मुख बनाने पर बल दिया।

बैठक में चार प्रमुख वित्तीय समितियां—लोक लेखा समिति, सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति, प्राक्कलन समिति और स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति—भी शामिल रहीं। इन समितियों की भूमिका वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग में महत्वपूर्ण मानी गई।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी बैठक में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक को राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Varsha Shrivastava 
